1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 31 Oct 2025 11:22:21 AM IST
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Dularchand Yadav Murder : बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections 2025) के मतदान से महज सात दिन पहले मोकामा विधानसभा सीट (Mokama Constituency) में राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया है। बीते दिन मोकामा में जनसुराज पार्टी और जदयू समर्थकों के बीच चुनावी झड़प हुई, जिसमें पत्थरबाजी और वाहन तोड़फोड़ की खबरें सामने आईं। इस दौरान राजद के पुराने नेता और मोकामा के जाने-माने व्यक्ति दुलारचंद यादव (Dularchand Yadav) की संदिग्ध मौत की जानकारी मिली, जिसने इलाके में भारी तनाव पैदा कर दिया है।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। झड़प के दौरान तीन क्षतिग्रस्त वाहन बरामद किए गए, जिनमें से एक वाहन में दुलारचंद यादव का शव मिला। इसके बाद पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। मृतक के समर्थक भी घटनास्थल पर जमा हो गए और उन्होंने शव को अपने कब्जे में लेने का विरोध किया।
दुलारचंद यादव का शव देर रात उनके पैतृक आवास पर रखा गया था। एफएसएल की टीम (Forensic Science Laboratory) देर रात दुलारचंद के आवास पहुंची और शव की जांच-पड़ताल की। इसके बाद आज सुबह पुलिस ने भारी सुरक्षा के बीच शव को अनुमंडल अस्पताल (Sub-Divisional Hospital, Mokama) लेकर गई, जहां पोस्टमार्टम किया जाएगा। राजद कैंडिडेट वीणा देवी खुद दुलारचंद यादव का शव ट्रेक्टर से लेकर बाढ़ अनुमंडल अस्पताल पहुंची। अनुमंडल अस्पताल और आसपास के इलाके को पूरी तरह से पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
दुलारचंद के समर्थक बड़ी संख्या में अनुमंडल अस्पताल पहुंचे और पोस्टमार्टम से पहले ही पुलिस पर दबाव बनाने लगे। मृतक के पोते ने पुलिस को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, जिसमें उन्होंने मामले में जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि दुलारचंद की मौत हत्या है या वे चुनावी झड़प का शिकार हुए हैं।
मोकामा विधानसभा सीट बिहार का एक हॉट सीट माना जाता है। इस सीट पर चुनावी लड़ाई हमेशा ही गर्म रहती है और विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच तनातनी का इतिहास रहा है। बीते दिनों हुई झड़प ने इस सीट की संवेदनशीलता को फिर से उजागर कर दिया है। इलाके में दोनों दलों के समर्थकों के बीच पत्थरबाजी और वाहन तोड़फोड़ की घटनाएं आम हो गई हैं।
घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और तीनों क्षतिग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया है। इसके अलावा आसपास के इलाकों में वाहनों की जांच और संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि मोकामा में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाया जा रहा है।
दुलारचंद यादव के निधन ने स्थानीय राजनीति में भूचाल ला दिया है। उनके समर्थकों का आरोप है कि हत्या चुनावी विरोधियों ने की है, जबकि पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस और प्रशासन दोनों ने क्षेत्र में स्थिति को शांत बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी बढ़ा दी है।
मोकामा की सियासत में यह घटना बड़ा मोड़ साबित हो सकती है। चुनाव के सात दिन पहले हुई इस घटना ने इलाके में भय और तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। राजनीतिक दलों ने भी इस घटना पर बयान देना शुरू कर दिया है और भविष्य में चुनावी रणनीति को लेकर कई दल सक्रिय हो गए हैं।
अंततः, दुलारचंद यादव की मौत और मोकामा में बढ़ती हिंसा ने चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया है। प्रशासन ने हर तरह की सुरक्षा और नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह हत्या है या चुनावी झड़प के दौरान हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना।
यह मामला न केवल मोकामा विधानसभा के मतदाताओं के लिए बल्कि पूरे बिहार के राजनीतिक माहौल के लिए संवेदनशील है। आगामी दिनों में प्रशासन और पुलिस की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होगी ताकि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।