Bihar Election 2025: चुनावी ड्यूटी से लौटते समय ITBP जवानों की बस धू-धू कर जली, बड़ा हादसा होते-होते टला

Bihar Election 2025: बिहार के हाजीपुर में शुक्रवार दोपहर एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल टल गया, जब नालंदा से सीतामढ़ी लौट रहे आईटीबीपी (ITBP) जवानों की बस में अचानक आग लग गई। बस में धुआं उठते ही मौके पर अफरातफरी मच गई।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Nov 08, 2025, 2:38:40 PM

Bihar Election 2025

बिहार चुनाव 2025 - फ़ोटो GOOGLE

Bihar Election 2025: बिहार के हाजीपुर में शुक्रवार दोपहर एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल टल गया, जब नालंदा से सीतामढ़ी लौट रहे आईटीबीपी (ITBP) जवानों की बस में अचानक आग लग गई। बस में धुआं उठते ही मौके पर अफरातफरी मच गई और जवानों के साथ आसपास के लोग भी घबरा गए। हालांकि, स्थानीय लोगों की तत्परता, जवानों की फुर्ती और ड्राइवर की सूझबूझ से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी जवान को चोट नहीं आई।


जानकारी के अनुसार, सभी आईटीबीपी जवान बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में सुरक्षा ड्यूटी पूरी करने के बाद नालंदा से सीतामढ़ी लौट रहे थे। बस जैसे ही वैशाली जिले के हाजीपुर सदर थाना क्षेत्र के रामाशीष चौक के पास पहुंची, अचानक बस के इंजन हिस्से से धुआं निकलने लगा। ड्राइवर ने तत्परता दिखाते हुए बस को तुरंत सड़क किनारे रोक दिया और जवानों को नीचे उतरने का निर्देश दिया।


बस रुकते ही जवानों ने तुरंत अपना सामान नीचे उतारा और आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। इस बीच आसपास के ग्रामीण भी बाल्टी और पानी लेकर मौके पर पहुंच गए और जवानों की मदद करने लगे। कुछ ही मिनटों में आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे बस पूरी तरह जलने से बच गई। स्थानीय लोगों का कहना था कि अगर कुछ मिनट की देरी होती, तो पूरी बस जलकर राख हो सकती थी।


घटना की सूचना मिलते ही हाजीपुर सदर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। आग लगने के कारण कुछ समय के लिए हाजीपुर-छपरा मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित रहा। हालांकि, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को संभाल लिया और सड़क पर यातायात दोबारा बहाल कर दिया।


आग बुझाने के बाद जिला प्रशासन की ओर से तुरंत एक दूसरी बस की व्यवस्था की गई, जिसमें सभी आईटीबीपी जवानों को सुरक्षित सीतामढ़ी भेज दिया गया। प्रशासन ने कहा कि बस के इंजन में तकनीकी खराबी के कारण यह घटना हुई, जिसकी जांच अब शुरू कर दी गई है।


आईटीबीपी के वरिष्ठ अधिकारियों ने ड्राइवर की सूझबूझ और स्थानीय नागरिकों की मदद की सराहना की है। अगर ड्राइवर ने तुरंत निर्णय नहीं लिया होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं स्थानीय लोगों की तत्परता ने यह साबित कर दिया कि संकट की घड़ी में जनसहयोग ही सबसे बड़ी ताकत है।