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Greater Patna Plan : बड़ा फैसला! पटना–सोनपुर में बनेगा नया ग्रेटर पटना; इन शहरों में न्यू टाउनशिप और सैटेलाइट सिटी से शुरू होगा नया अध्याय

बिहार में ग्रेटर पटना और नई सैटेलाइट सिटीज से शहरी विकास को नई दिशा। न्यू पटना, सीतापुरम और प्रमंडलीय टाउनशिप से रोजगार, निवेश और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ेगा।

Greater Patna Plan : बड़ा फैसला! पटना–सोनपुर में बनेगा नया ग्रेटर पटना; इन शहरों में न्यू टाउनशिप और सैटेलाइट सिटी से शुरू होगा नया अध्याय
Tejpratap
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Greater Patna Plan : बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही शहरी विकास को लेकर महत्वाकांक्षी कदम उठाए जा रहे हैं। पटना–सोनपुर क्षेत्र में बनने वाली ‘ग्रेटर पटना’ ग्रीनफील्ड टाउनशिप इस दिशा में पहला और बड़ा प्रयास साबित होगी। दिल्ली–एनसीआर मॉडल पर विकसित होने जा रही यह परियोजना राजधानी पटना को आधुनिक, सुव्यवस्थित और हरित शहर में बदलने की दिशा में पहला कदम है।


नगर विकास विभाग के अनुसार, न्यू पटना अथवा ग्रेटर पटना में चौड़ी सड़कें, हरे भरे क्षेत्र, स्कूल, अस्पताल, बिजनेस सेंटर, आवासीय क्षेत्र और हाई-डेंसिटी कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही शहर में आधुनिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था की जाएगी। यह योजना न केवल पटना बल्कि राज्य के आर्थिक और शहरी विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


इसके अलावा, सरकार सीतामढ़ी में ‘सीतापुरम’ नामक आध्यात्मिक शहर भी विकसित करने जा रही है। मां जानकी की जन्मभूमि को वैश्विक धार्मिक और पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के उद्देश्य से यह टाउनशिप बनाई जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि सीतापुरम मथुरा, अयोध्या और उज्जैन जैसे धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्रों के समान पहचान बनाए।


नगर विकास मंत्री नितिन नवीन ने विभाग का प्रभार संभालते ही इस योजना को कैबिनेट एजेंडे में शामिल करवा दिया। इसके तहत बिहार के नौ प्रमंडलीय मुख्यालयों—मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, दरभंगा, पूर्णिया, सहरसा, चंपारण और अन्य प्रमुख शहरों में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य शहरीकरण के दबाव को कम करना, नए रोजगार सृजन के अवसर प्रदान करना और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है।


इन टाउनशिपों को विकसित करने में लैंड पूलिंग मॉडल अपनाया जाएगा। इसके तहत जमीन मालिकों से भूमि लेकर उसे विकसित किया जाएगा और उन्हें विकसित जमीन का 55% हिस्सा वापस मिलेगा। शेष भूमि का 22% सड़क और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, 5% पार्क, अस्पताल, ड्रेनेज, पुलिस थाना जैसी सार्वजनिक उपयोग के लिए, 3% गरीबों के लिए आवास और 15% हिस्सा सरकार द्वारा बाजार मूल्य पर बेचा जाएगा। यह मॉडल सरकार पर आर्थिक बोझ कम करेगा और जमीन मालिकों के लिए लाभकारी साबित होगा।


ग्रेटर पटना के मास्टर प्लानिंग को विश्वस्तरीय मानकों के अनुसार तैयार किया जाएगा। इसमें ट्रैफिक मैनेजमेंट, जल-निकासी, स्मार्ट ट्रांजिट, कचरा निस्तारण और सार्वजनिक स्थल विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। पटना–सोनपुर बेल्ट को बिहार का भविष्य का आर्थिक केंद्र बनाने का प्रयास किया जा रहा है।


नगर विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और बुडको के एमडी अनिमेष कुमार ने मंत्री नितिन नवीन के साथ प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की। विभाग को उम्मीद है कि इस बार कैबिनेट से यह प्रस्ताव बिना किसी संशोधन के मंजूरी पा जाएगा।


ग्रेटर पटना, सीतापुरम और नौ प्रमंडलीय सैटेलाइट सिटीज बिहार के शहरी ढांचे को पूरी तरह बदल देंगी। इससे न केवल शहरों में ट्रैफिक और प्रदूषण का बोझ कम होगा, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे। सरकार इसे आने वाले दशक की सबसे परिवर्तनकारी परियोजना मान रही है।

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