1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Fri, 31 Oct 2025 05:21:10 PM IST
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Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव में कागजी संगठन या जिनके पहचान का संकट हो वो एनडीए की नैया पार लगाएँगे . तीन ऐसे संगठन/पार्टी ने एनडीए को समर्थन देने का फैसला किया है जिनका बिहार में कोई स्वतंत्र या मजबूत पहचान नहीं है. बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने इस तरह के संगठन द्वारा एनडीए को समर्थन देने के निर्णय की जानकारी दी है.
अब आप कहेंगे कि ये कौन से तीन राजनीतिक संगठन है, जिनके द्वारा भाजपा-एनडीए को समर्थन देने की बात कही गई है. जिससे बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल गदगद हैं. बता दें, ये ऐसे संगठन हैं, जिनके बारे में अधिकांश लोग परिचित नहीं होंगे. पहला है राष्ट्रीय रक्षा सेना पार्टी. अधिकतर लोग इस सगंठन के बारे में नहीं जानते होंगे. इसने भी एनडीए को समर्थन देने का निर्णय लिया है. दूसरे नंबर पर हैं संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी और तीसरे नंबर पर सुहेलदेव भारतीय जनसेवा दल है. इन तीनों संगठनों ने एनडीए को समर्थन देने का फैसला लिया है.
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि इस विधानसभा चुनाव में सुहेलदेव भारतीय जनसेवा दल ने एनडीए को समर्थन देने की बात कही है। इसके अलावा संत रामपाल जी महाराज जी के बिहार के लाखों अनुयायी हैं, उन सभी ने इस चुनाव में एनडीए प्रत्याशियों को समर्थन देने की घोषणा की है। इसके अलावा राष्ट्रीय रक्षा सेना पार्टी ने भी इस चुनाव में एनडीए को समर्थन देने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राज कुमार यादव और उपाध्यक्ष नूर अहमद ने कहा कि उनके कार्यकर्ता एनडीए के उम्मीदवारों को विजयी बनाने के लिए कार्य भी करेंगे। भाजपा अध्यक्ष डॉ. जायसवाल ने कहा कि यह हमारे लिए सुखद क्षण है। उन्होंने एनडीए का समर्थन देने वाले संगठनों का दिल से आभार जताते हुए उनके प्रतिनिधियों का स्वागत किया।
इस मौके पर उन्होंने एनडीए द्वारा जारी संकल्प पत्र की चर्चा करते हुए कहा कि यह घोषणा पत्र नहीं, हमारे लिए संकल्प है। उन्होंने कहा कि आज एनडीए में शामिल सभी पांच दलों के शीर्ष नेतृत्व ने संकल्प पत्र जारी किया है जबकि महागठबंधन की ओर से अब तक घोषणा पत्र जारी नहीं किया गया है।
उन्होंने महागठबंधन के नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि क्या चुनाव के बाद वे घोषणा पत्र जारी करेंगे। उन्होंने कहा कि राजद द्वारा शायद कहा जा रहा है कि घोषणा पत्र जारी किया गया है लेकिन वह किसी एक व्यक्ति का प्रण है। घोषणा पत्र राजनीतिक दल द्वारा जारी किया जाता है। व्यक्तिवादी पार्टी बिहार में राजतंत्र चलाना चाहती है। जनता को किसी व्यक्ति का प्रण नहीं चाहिए। उन्होंने महागठबंधन को निशाने पर लेते हुए कहा कि सीट बंटवारा या उम्मीदवारों की घोषणा करने में पारदर्शिता नहीं बरती गयी। उन्होंने राहुल गांधी से भी घोषणा पत्र जारी नहीं किए जाने और सीएम फेस को सामने नहीं लाने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दोनों गठबंधनों के संस्कारों को जनता देख रही है। उन्होंने कहा कि एनडीए का संकल्प पत्र जहां पीएम मोदी की गारंटी है, वहीं नीतीश कुमार के विकास और विश्वास का संकल्प है।