1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 26, 2025, 1:26:42 PM
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google
Bihar News: बिहार की राजनीति में अब एक नया ट्विस्ट आ गया है। यहां 2016 के बिहार बोर्ड टॉपर्स घोटाले के मुख्य आरोपी अमित कुमार उर्फ बच्चा राय ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) का दामन थाम लिया है। असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली इस पार्टी में शामिल होने के बाद बच्चा राय ने वैशाली जिले की महुआ विधानसभा सीट से अपनी दावेदारी मजबूती से पेश कर दी है। ओवैसी हाल ही में सीमांचल दौरे पर बिहार पहुंचे थे, जहां उनकी बच्चा राय से मुलाकात हुई।
बिहार के लिए बच्चा राय कोई सामान्य नाम नहीं है। वे वैशाली के भगवानपुर स्थित वीआर कॉलेज के तत्कालीन प्रिंसिपल और सचिव थे। 2016 में खुलासा हुआ कि उन्होंने छात्रों के नतीजे बदलवाने के लिए बोर्ड अधिकारियों से सांठगांठ की थी। घोटाले में आर्ट्स टॉपर रूबी राय और साइंस टॉपर सौरभ श्रेष्ठ जैसे नाम सामने आए थे जो उनके कॉलेज के ही छात्र थे। प्रवर्तन निदेशालय ने उनके घरों पर छापा भी मारा, जहां से तीन करोड़ रुपये नकद बरामद हुए। 2018 में ईडी ने उनकी और परिवार की करोड़ों की संपत्ति जब्त कर ली। बच्चा राय को घोटाले का मास्टरमाइंड माना गया और वे कोर्ट में सरेंडर करने के बाद जेल पहुंचे। लंबे समय जमानत पर बाहर आने के बाद अब वे राजनीतिक पिच पर उतर आए हैं।
AIMIM की ओर से अब बच्चा राय को महुआ से टिकट देने की बात जोरों पर है। पार्टी ने 6 अक्टूबर के आसपास महुआ में ओवैसी की सभा आयोजित करने की योजना बनाई है, जहां यह ऐलान हो सकता है। लेकिन बता दें कि यह सीट पहले से ही गरम है। आरजेडी के लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के भी इसी सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा है। ऐसे में महुआ विधानसभा सीट आगामी बिहार विधानसभा चुनाव की सबसे रोचक जंग का मैदान बन सकती है। हालांकि, भ्रष्टाचार के आरोपी को टिकट देने पर विपक्षी दल AIMIM पर काफी सवाल उठा रहे हैं।