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Bihar Politics : मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी पर बोले जदयू नेता संजय झा – “महिलाओं की मौन क्रांति सुनिश्चित करेगी एनडीए की जीत”

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि बिहार में बढ़ा मतदान प्रतिशत एनडीए के पक्ष में है। उन्होंने दावा किया कि महिलाएं नीतीश कुमार की योजनाओं से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में वोट कर रही हैं। प्रियंका गांधी के बयान पर भी झा ने तीखा जवाब दिया।

Bihar Politics : मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी पर बोले जदयू नेता संजय झा – “महिलाओं की मौन क्रांति सुनिश्चित करेगी एनडीए की जीत”
Tejpratap
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Bihar Politics : बिहार विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण के मतदान के बाद जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने मतदान प्रतिशत में हुई बढ़ोतरी को एनडीए के पक्ष में जनसमर्थन का स्पष्ट संकेत बताया। उन्होंने कहा कि इस बार राज्य में महिलाएं बड़ी संख्या में मतदान कर रही हैं और यह नीतीश कुमार सरकार की नीतियों पर भरोसे का प्रमाण है।


संजय झा ने कहा, “2005 में जिस तरह का मतदान हुआ था, उससे अधिक उत्साह 2010 में देखा गया था, जब जनता ने ‘इंडिया’ गठबंधन के खिलाफ मतदान किया था। आज 2025 में जो बढ़ा हुआ मतदान दिख रहा है, वह एनडीए के पक्ष में जबरदस्त लहर का परिणाम है। महिलाएं घरों से निकलकर बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंच रही हैं। यह नीतीश कुमार के सुशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण की नीतियों का प्रतिफल है।”


उन्होंने दावा किया कि जदयू ने कल रात तक अपने सभी प्रत्याशियों से रिपोर्ट प्राप्त की है और उससे यह स्पष्ट हो गया है कि एनडीए इस चुनाव में बड़े अंतर से जीतने जा रहा है। झा ने कहा कि बिहार के मतदाताओं ने जाति और धर्म से ऊपर उठकर विकास और स्थिरता के पक्ष में मतदान किया है।


इस दौरान कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के हालिया बयान पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी। प्रियंका गांधी ने कहा था कि “पिछले 20 वर्षों में महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया गया” और “सरकार चुनावी रिश्वत बांट रही है।” इस पर जवाब देते हुए संजय झा ने कहा, “यह प्रियंका गांधी कौन हैं जो बिहार आती हैं, कुछ फोटो खिंचवाकर चली जाती हैं। उन्हें बिहार की वास्तविकता का कोई ज्ञान नहीं है। यहां महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए नीतीश कुमार जी ने जो कार्य किए हैं, उसकी मिसाल पूरे देश में दी जाती है।”


उन्होंने आगे कहा, “बिहार में आरक्षण के माध्यम से पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, साइकिल योजना, पोषक आहार कार्यक्रम, और महिला स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया गया है। यह बिहार की मौन क्रांति है – ऐसी क्रांति जिसने लाखों परिवारों की दिशा और दशा बदली है।”


संजय झा ने प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके बयान से यह स्पष्ट है कि उन्हें बिहार की राजनीति और समाज की गहरी समझ नहीं है। “यदि वह ऐसे ही बयान देती रहीं, तो कांग्रेस को जो दो-चार सीटें मिलने की संभावना है, वे भी नहीं मिलेंगी,” उन्होंने कहा।


उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष यह भूल रहा है कि बिहार की जनता अब बहुत जागरूक हो चुकी है। “यहां कोई जमीन के बदले पैसा नहीं ले रहा, बल्कि जनता विकास के बदले वोट दे रही है। आज बिहार में जो परिवर्तन दिख रहा है, वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी नीतियों का परिणाम है। लोग अब भावनाओं में नहीं, बल्कि तर्क और उपलब्धियों के आधार पर मतदान कर रहे हैं।” संजय झा ने विश्वास जताया कि मतदान की बढ़ी हुई दर एनडीए के लिए शुभ संकेत है और 2025 का यह चुनाव बिहार की राजनीति में महिलाओं की निर्णायक भूमिका को स्थापित करेगा।


बिहार में इस बार मतदान प्रतिशत में उल्लेखनीय वृद्धि ने राजनीतिक दलों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है। जदयू का दावा है कि यह बढ़ा हुआ मतदान एनडीए के पक्ष में जा रहा है, जबकि विपक्ष इसे जनता की नाराज़गी बता रहा है। अब अंतिम फैसला 2025 के परिणाम आने पर ही होगा कि बिहार की “मौन क्रांति” सचमुच एनडीए की जीत में बदलती है या नहीं।


प्रेम राज की रिपोर्ट

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