1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 08 Nov 2025 11:59:47 AM IST
बिहार चुनाव 2025 - फ़ोटो GOOGLE
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण के मतदान के बीच महनार विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक पिच अचानक गरम हो गई है। वैशाली जिले के महनार से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उम्मीदवार ई. रविन्द्र सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगते हुए प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर दी गई है। यह मामला 6 नवंबर को दोपहर के दौरान जंदाहा स्थित बूथ संख्या 53 और 54 पर हुए घटनाक्रम से जुड़ा है। मतदान के दौरान वहाँ उपस्थित भीड़ ने अचानक अर्धसैनिक बल केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) पर पत्थरबाज़ी शुरू कर दी।
इस घटना के बाद सेक्टर पदाधिकारी के रूप में तैनात एएसआई जनार्दन राय ने जंदाहा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि इस वारदात को RJD उम्मीदवार ई. रविन्द्र सिंह के उकसावे पर अंजाम दिया गया। FIR में ई. रविन्द्र सिंह के साथ ही आधा दर्जन नामजद और करीब 20 अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी और सुरक्षा बलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त जवान तैनात किए गए।
महनार एसडीपीओ प्रवीण कुमार ने भी पुष्टि की कि मतदान के दौरान CAPF पर पत्थरबाज़ी की गई थी और FIR दर्ज कर मामले की जांच जारी है। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय सियासी हलकों में हलचल पैदा कर दी है, बल्कि चुनावी आचार संहिता और कानून-व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस अब घटना स्थल के CCTV फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों की जांच कर रही है। साथ ही, चुनाव आयोग ने भी मामले पर नजर रखी और सभी संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा बढ़ाने और मतदान प्रभावित न होने देने के निर्देश जारी किए हैं। चुनावी विश्लेषक मान रहे हैं कि यह मामला आगामी दिनों में महनार और वैशाली जिले के चुनावी माहौल का सबसे चर्चित मुद्दा बन सकता है।
विशेषकर यह घटना तब हुई जब दूसरे चरण के मतदान के दौरान जनता का उत्साह अपने चरम पर था और सभी राजनीतिक दल अंतिम समय तक प्रचार में जुटे थे। सुरक्षा बलों पर हमला और उम्मीदवार पर भीड़ को भड़काने के आरोप ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और सुरक्षा पर चिंता बढ़ा दी है। इस तरह की घटनाओं का असर मतदाताओं के मनोबल और मतदान प्रतिशत पर भी पड़ सकता है।
इस घटना के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन ने आगामी दिनों में बूथ सुरक्षा और उम्मीदवारों के आंदोलन पर विशेष निगरानी बढ़ा दी है। चुनाव आयोग ने भी चेतावनी दी है कि किसी भी कानून-व्यवस्था की उल्लंघन वाली घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।