1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 06 Nov 2025 05:06:35 PM IST
बिहार चुनाव 2025 - फ़ोटो GOOGLE
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान के लिए जनता भारी उत्साह के साथ मतदान कर रही है। इस चरण में 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हो रही है और कुल 1314 उम्मीदवारों का भविष्य तय होगा। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक जारी रहेगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, विपक्षी नेता तेजस्वी यादव, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा समेत कई बड़े नेताओं ने पटना और अन्य जिलों में जाकर मतदान किया। उनके वोटिंग करने के बाद मतदान केंद्रों पर भारी भीड़ और उत्साह देखा गया।
पहले चरण में NDA (बीजेपी-जेडीयू) और महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस-वामपंथी) के बीच कांटे की टक्कर है। वहीं, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी तीसरे विकल्प के रूप में सामने आई है, जो कि कुछ खास सीटों पर निर्णायक भूमिका निभा सकती है। इस चरण में विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के चेहरे तेजस्वी यादव और भाजपा के उम्मीदवार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और अन्य 16 मंत्रियों की किस्मत भी EVM में लॉक होगी।
मतदान प्रक्रिया पूरी तरह ईवीएम (EVM) और वीवीपैट के जरिए की जा रही है, ताकि मतदान की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। हर बूथ पर सुरक्षा के लिए पुलिस और चुनाव आयोग के अधिकारी मौजूद हैं। मतदाता लंबी कतारों में खड़े होकर अपने अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के आंकड़ों के अनुसार, दोपहर 3 बजे तक 53.77 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इस चरण में मतदाता अपने पसंदीदा उम्मीदवार के लिए लंबी कतारों में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। आयोग ने सुरक्षा और ईवीएम प्रक्रिया को मजबूत करते हुए सुनिश्चित किया है कि मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष हो। सभी बूथों पर पुलिस और चुनाव अधिकारियों की तैनाती की गई है। बिहार में राजनीतिक दलों के बीच प्रतिस्पर्धा काफी तीव्र है, और जनता की भागीदारी चुनाव के परिणामों पर निर्णायक प्रभाव डाल सकती है।
मतदान का आखिरी घंटा जारी है, और इसी समय 16 मंत्रियों और प्रमुख नेताओं की किस्मत EVM में लॉक हो जाएगी। इस दौरान मतदान केंद्रों पर भीड़ और उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। चुनाव अधिकारियों का कहना है कि मतदान शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से चल रहा है। बिहार के पहले चरण के चुनाव परिणाम राजनीतिक समीकरण को नई दिशा दे सकते हैं, और जनता की आवाज अगले मुख्यमंत्री और विधायकों के रूप में सामने आएगी।