Bihar Elections Result 2025: हिमाचल के पूर्व ADG जेपी सिंह की बिहार चुनाव में करारी हार, छपरा सीट से जमानत जब्त; खाते में आएं मात्र इतने वोट

Bihar Elections Result 2025: हिमाचल प्रदेश के पूर्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) डॉ. जय प्रकाश सिंह ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन चुनावी मैदान में उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Nov 15, 2025, 11:28:34 AM

Bihar Election Result 2025

बिहार चुनाव रिजल्ट 2025 - फ़ोटो GOOGLE

Bihar Elections Result 2025: हिमाचल प्रदेश के पूर्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) डॉ. जय प्रकाश सिंह ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन चुनावी मैदान में उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा। छपरा सीट से चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने अपनी नौकरी से ऐच्छिक सेवा निवृत्ति (वीआरएस) ली थी, जबकि उनकी रिटायरमेंट 31 जुलाई 2027 को तय थी। हालांकि, चुनाव में उन्हें मात्र 3,433 वोट ही मिले और वह चौथे नंबर पर रहे। उनकी हार का अंतर जीतने वाले उम्मीदवार छोटी कुमारी से लगभग 83,412 वोटों का था।


जेपी सिंह को चुनावी मैदान में जन सुराज पार्टी ने टिकट दिया। इस चुनाव में छपरा सीट पर बीजेपी की छोटी कुमारी विजयी रहीं, जिन्होंने 86,845 वोट हासिल किए। वहीं, दूसरे नंबर पर राष्ट्रीय जनता दल के शत्रुघन यादव रहे, जबकि तीसरे स्थान पर इंडिपेंडेंट उम्मीदवार राखी गुप्ता रहीं।


जेपी सिंह 10 जुलाई 1967 को बिहार के एकमा के तेघड़ा गांव में जन्मे। वे 2000 बैच के हिमाचल कैडर के IPS अधिकारी रहे। उन्होंने 31 जनवरी 2025 को ADG पद हासिल किया और मात्र पांच महीने बाद ही चुनाव में भाग लेने के लिए वीआरएस लिया। उनका करियर बेहद प्रेरणादायक रहा है। प्रोबेशनर के रूप में कांगड़ा में तैनाती के बाद उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP), SP चंबा, SP सिरमौर, कमांडेंट, SP इंटेलिजेंस, IG साउथ रेंज और IG नॉर्थ रेंज सहित विभिन्न उच्च पदों पर कार्य किया। वीआरएस से पहले वह एडीजीपी सीआईडी पर तैनात थे।


शैक्षणिक योग्यता में बीए, एलएलबी और पुलिस मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री शामिल है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले जेपी सिंह ने पुलिस सेवा के दौरान भी शिक्षा और समाज सेवा से जुड़े कार्य किए। वे छुट्टियों में अपने गांव और आसपास के विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को पढ़ाते और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मार्गदर्शन देते रहे।


इस हार के बावजूद जेपी सिंह का जीवन और करियर प्रेरणा का स्रोत है। किसान परिवार से निकलकर सेना और फिर IPS सेवा में आने का उनका सफर यह दर्शाता है कि मेहनत और प्रतिबद्धता से किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है। राजनीति में उतरने का उनका प्रयास हालांकि सफल नहीं रहा, लेकिन समाज सेवा और युवा मार्गदर्शन में उनकी सक्रियता जारी रहेगी।