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Bihar Assembly Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्ड 65.08% मतदान, कहीं नहीं हुई शिकायत या रिपोलिंग की मांग

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर रिकॉर्ड 65.08% मतदान हुआ। शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न मतदान में किसी भी सीट पर रिपोलिंग या शिकायत नहीं हुई।

Bihar Assembly Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्ड 65.08% मतदान, कहीं नहीं हुई शिकायत या रिपोलिंग की मांग
Tejpratap
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5 मिनट

Bihar Assembly Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण का मतदान शुक्रवार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस बार मतदाताओं ने लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अब तक का एक नया रिकॉर्ड बना दिया। चुनाव आयोग द्वारा जारी अंतिम आंकड़ों के अनुसार, पहले चरण में कुल 65.08 प्रतिशत मतदान हुआ, जो कि बिहार विधानसभा चुनाव के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक मतदान है।


18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान

पहले चरण में कुल 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर वोट डाले गए। इस दौरान मतदान प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। किसी भी राजनीतिक दल, प्रत्याशी या मतदाता की ओर से मतदान में किसी तरह की गड़बड़ी या अनियमितता की शिकायत नहीं मिली। यही नहीं, किसी भी सीट पर रिपोलिंग (पुनर्मतदान) की आवश्यकता भी नहीं पड़ी।


चुनाव आयोग के मुताबिक, मतदान खत्म होने के बाद सभी ईवीएम (EVM) मशीनों को त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के तहत संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखा गया है। इन्हें अब 14 नवंबर को होने वाली मतगणना के दिन ही खोला जाएगा।


पिछले चुनावों से बेहतर मतदान

बिहार में इस बार के पहले चरण के मतदान ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव में जहां 57.29 प्रतिशत मतदान हुआ था, वहीं इस बार 7.79 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी तरह, हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव 2024 में मतदान केवल 56.28 प्रतिशत रहा था, यानी इस बार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मतदान 8.8 प्रतिशत अधिक हुआ है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि मतदाताओं में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति उत्साह बढ़ा है। ग्रामीण इलाकों में विशेष रूप से महिलाओं और युवा मतदाताओं ने बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग किया।


शांतिपूर्ण रहा पूरा चुनावी माहौल

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि पहले चरण के मतदान के दौरान कहीं से भी हिंसा, तोड़फोड़ या गड़बड़ी की कोई रिपोर्ट नहीं आई। सभी जिलों में मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में संपन्न हुआ। चुनाव आयोग ने बताया कि मतदान के बाद सभी 121 विधानसभा सीटों में रिटर्निंग अधिकारियों और जनरल ऑब्जर्वरों की मौजूदगी में दस्तावेजों की जांच की गई। इस प्रक्रिया में 455 उम्मीदवारों और उनके पोलिंग एजेंटों ने भी हिस्सा लिया। जांच के बाद यह पाया गया कि किसी भी बूथ पर कोई विसंगति या कदाचार की शिकायत नहीं मिली, इसलिए रिपोलिंग की कोई सिफारिश नहीं की गई।


जिलावार मतदान प्रतिशत

पहले चरण में जिन 18 जिलों में मतदान हुआ, उनमें मुजफ्फरपुर जिले ने सबसे ज्यादा 71.81 प्रतिशत मतदान के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। वहीं, सबसे कम मतदान पटना जिले में 59.02 प्रतिशत रहा। अन्य जिलों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:


बेगूसराय: 69.87%


भोजपुर: 59.90%


बक्सर: 61.97%


दरभंगा: 63.66%


गोपालगंज: 66.64%


खगड़िया: 67.90%


लखीसराय: 64.98%


मधेपुरा: 69.59%


मुंगेर: 62.74%


मुजफ्फरपुर: 71.81%


नालंदा: 59.81%


पटना: 59.02%


सहरसा: 69.38%


समस्तीपुर: 71.74%


सारण: 63.86%


शेखपुरा: 61.99%


सीवान: 60.61%


वैशाली: 68.50%


इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि ज्यादातर जिलों में 60 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज हुआ है, जो बिहार की मतदाता जागरूकता और चुनाव आयोग की तैयारियों की सफलता को दर्शाता है।


मतदाताओं में दिखा जोश और अनुशासन

पहले चरण में मतदाताओं में असाधारण उत्साह देखने को मिला। लंबी कतारों के बावजूद लोगों ने धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार किया। कई मतदान केंद्रों पर बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाता भी नजर आए। युवाओं ने सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर मतदान को "फैशन" और "फर्ज" दोनों के रूप में पेश किया। चुनाव आयोग के सख्त प्रबंध, पुलिस की चौकसी और प्रशासनिक सतर्कता के कारण किसी भी मतदान केंद्र पर अव्यवस्था या हिंसा जैसी स्थिति नहीं बनी।


आयोग और राजनीतिक दलों ने की सराहना

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मतदाताओं की भागीदारी और शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी जिलों के प्रशासन, पुलिस बल, चुनाव कर्मियों और पर्यवेक्षकों को धन्यवाद दिया। वहीं, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी पहले चरण के शांतिपूर्ण चुनाव की सराहना की और मतदाताओं का आभार व्यक्त किया।


बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण ने राज्य की लोकतांत्रिक परिपक्वता का एक नया उदाहरण पेश किया है। 65.08 प्रतिशत मतदान यह दर्शाता है कि जनता अपने मताधिकार को लेकर पहले से अधिक सजग और सक्रिय हो चुकी है। बिना किसी विवाद, हिंसा या रिपोलिंग की स्थिति के, यह चरण न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के लिए एक लोकतांत्रिक मिसाल बन गया है। अब निगाहें 14 नवंबर की मतगणना पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि मतदाताओं ने किसे अपना प्रतिनिधि चुना है।

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