Sanjeev Mukhiya: देश समेत बिहार में कई पेपर लीक कराने के मास्टरमाइंड संजीव मुखिया की रिमांड अवधि एक बार फिर से बढ़ गई है। पहली बार आर्थिक अपराध ईकाइ को संजीव मुखिया की 36 घंटे की रिमांड मिली थी। रिमांड अवधि खत्म होने के बाद ईओयू ने दो दिन की और रिमांड की अर्जी कोर्ट में लगाई थी जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। अब ईओयू और दो दिन संजीव मुखिया से पूछताछ करेंगे।
इससे पहले 36 घंटे की पूछताछ के दौरान संजीव मुखिया ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे। पूछताछ के दौरान संजीव मुखिया ने बताया है कि उसका लक्ष्य अपनी पत्नी को राजनीतिक गलियारें में ऊँचा मुकाम दिलवाना है। इसके लिए ही उसने पेपर लीक करवाने का रास्ता चुना। उसने बताया है कि बिहार और झारखंड से लेकर दूसरे राज्यो में उसकी बड़ी पहुंच है। पूरे सिस्टम को इसने ख़ुश कर रखा है। उसने बताया है कि कोई ऐसा सेक्टर नहीं जहां इसने अपनी धमक क़ायम नहीं की है।
रेलवे भर्ती बोर्ड में भी पकड़ होने का दावा संजीव मुखिया ने किया है। इसके साथ ही साथ उसने NTA तक को मैनेज करने का दावा आर्थिक अपराध इकाई, सीबीआई और झारखंड पुलिस के सामने किया है। संजीव मुखिया ने यह भी दावा किया है कि उसने कई अधिकारियों के बच्चों को मेडिकल में दाखिला कराया है। पूछताछ के दौरान उसने बताया है कि फरारी के दौरान कई थानों को मैनेज कर बिहार के कई जिले में रहा, लाभुकों के घर से लेकर पावर कॉरपोरेशन से जुड़े अधकारियों के घर तक में रहा।
बता दें कि संजीव मुखिया पर बिहार में कई परीक्षाओं के पेपर लीक कराने के साथ ही साथ नीट परीक्षा का पेपर लीक कराने का भी आरोप है। इस मामले में पिछले 11 महीनों से वह पुलिस को चकमा दे रहा था। बीते 24 अप्रैल को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर पटना के दानापुर में छापेमारी कर एक अपार्टमेंट से उसे अरेस्ट कर लिया था। इसकी गिरफ्तारी के लिए सरकार ने तीन लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।



