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Sanjeev Mukhiya: EOU की पूछताछ में संजीव मुखिया ने किए चौंकाने वाले खुलासे, कई सफेदपोशों के नाम का जिक्र; बताया कैसे बना NEET पेपर लीक का मास्टरमाइंड?

Sanjeev Mukhiya: EOU की पूछताछ में नीट पेपर लीक कांड के मास्टरमाइंड संजीव मुखिया ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. उसने दावा किया है कि उसके पीछे कई बड़े नेताओं का हाथ है. पूछताछ के दौरान सीबीआई के साथ साथ झारखंड पुलिस की टीम भी मौजूद रही.

Sanjeev Mukhiya
संजीव मुखिया ने उगले बड़े राज
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Sanjeev Mukhiya: आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने बीते गुरुवार को नीट पेपर लीक कांड के मास्टरमाइंड संजीव मुखिया को पटना से अरेस्ट किया था। इसके बाद ईओयू ने उसे कोर्ट के समक्ष पेश किया जहां से कोर्ट ने उसे बेऊर जेल भेज दिया था। कोर्ट से आर्थिक अपराध इकाई को 36 घंटे के लिए संजीव मुखिया की रिमांड मिली थी। ईओयू की पूछताछ में संजीव मुखिया ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।


नीट पेपर लीक कांड के तीन लाख के इनामी संजीव मुखिया से बिहार आर्थिक अपराध इकाई की टीम के साथ साझ झारखंड पुलिस और सीबीआई की टीमें भी पूछताछ कर रही हैं। पूछताछ के दौरान संजीव मुखिया ने कई चौकने वाले खुलासे किए हैं। संजीव मुखिया का दावा है कि उसकी बड़ी पॉलिटिकल पहुंच है। पूछताछ के दौरान संजीव मुखिया ने कई सफेदपोशों के नाम का खुलासा किया है।


पूछताछ के दौरान संजीव मुखिया ने बताया है कि उसका लक्ष्य अपनी पत्नी को राजनीतिक गलियारें में ऊँचा मुकाम दिलवाना है। इसके लिए ही उसने पेपर लीक करवाने का रास्ता चुना। उसने बताया है कि बिहार और झारखंड से लेकर दूसरे राज्यो में उसकी बड़ी पहुंच है। पूरे सिस्टम को इसने ख़ुश कर रखा है। उसने बताया है कि कोई ऐसा सेक्टर नहीं जहां इसने अपनी धमक क़ायम नहीं की है।


रेलवे भर्ती बोर्ड में भी पकड़ होने का दावा संजीव मुखिया ने किया है। इसके साथ ही साथ उसने NTA तक को मैनेज करने का दावा आर्थिक अपराध इकाई, सीबीआई और झारखंड पुलिस के सामने किया है। सूत्रों ने दावा किया है कि जब यह बेऊर जेल पहुंचा तो जेल के स्टाफ इसके पैर छूने लगे थे। संजीव मुखिया ने दावा किया है कि उसने कई अधिकारियों के बच्चों को मेडिकल में दाखिला कराया है।


पूछताछ के दौरान उसने बताया है कि फरारी के दौरान कई थानों को मैनेज कर बिहार के कई जिले में रहा, लाभुकों के घर से लेकर पावर कॉरपोरेशन से जुड़े अधकारियों के घर तक में रहा। उसने बताया कि फरार होने के बाद वह पटना के पीरबहोर थाना क्षेत्र, अगमकुआ थाना क्षेत्र और नालंदा के बिहार शरीफ में भी रहा। CBI ने जब इसके गांव में रेड की थी उस दिन वह बिहार शरीफ में ही मौजूद था।


बता दें कि रिमांड की अवधि खत्म होने से पहले ईओयू आज रात ही संजीव मुखिया को न्यायायिक हिरासत में वापस बेउर जेल पहुंचा देगी। EOU सोमवार को वापस से संजीव मुखिया को रिमांड पर लेने में लिए दो दिनों की रिमांड अर्जी कोर्ट में डालेगी। आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार संजीव मुखिया से अभी कई सवालों का जवाब लेना है। पूछताछ अभी पूरी नहीं हुई लेकिन रिमांड अवधि पूरी होने के कारण उसे न्यायिक हिरासत में वापस भेजना पड़ रहा है।

पटना से फर्स्ट बिहार के लिए प्रिंस कुशवाहा की रिपोर्ट..

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता