ब्रेकिंग
राजस्व कर्मचारियों को सरकार की लास्ट वार्निंग: 24 घंटे के भीतर योगदान नहीं दिया तो एक्शन तय, ट्रांसफर के बावजूद नहीं कर रहे ज्वाइनखेसारी लाल यादव ने पिता को गिफ्ट की 4 करोड़ की Range Rover SV, भावुक वीडियो हुआ वायरलबिहार में SC-ST अत्याचार मामलों के लिए बनेंगे 19 नए स्पेशल कोर्ट, 171 पदों के सृजन को कैबिनेट की मंजूरीफर्जी आधार कार्ड से भारत में घूम रहा था नेपाली युवक, नाबालिग लड़की को लेकर पहुंचा मैत्री पुल; SSB ने दबोचाBihar Cabinet Meeting: सम्राट कैबिनेट की बैठक खत्म...16 मेडिकल कॉलेज खोलने का निर्णय, कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर लगी मुहर,जानें...राजस्व कर्मचारियों को सरकार की लास्ट वार्निंग: 24 घंटे के भीतर योगदान नहीं दिया तो एक्शन तय, ट्रांसफर के बावजूद नहीं कर रहे ज्वाइनखेसारी लाल यादव ने पिता को गिफ्ट की 4 करोड़ की Range Rover SV, भावुक वीडियो हुआ वायरलबिहार में SC-ST अत्याचार मामलों के लिए बनेंगे 19 नए स्पेशल कोर्ट, 171 पदों के सृजन को कैबिनेट की मंजूरीफर्जी आधार कार्ड से भारत में घूम रहा था नेपाली युवक, नाबालिग लड़की को लेकर पहुंचा मैत्री पुल; SSB ने दबोचाBihar Cabinet Meeting: सम्राट कैबिनेट की बैठक खत्म...16 मेडिकल कॉलेज खोलने का निर्णय, कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर लगी मुहर,जानें...

पटना में प्राइवेट हॉस्पिटल की मनमानी, कोरोना पेशेंट से 1.15 लाख की वसूली कर बिल 50 हजार का ही थमाया, केस दर्ज

PATNA : पटना में कोरोना संक्रमण के इस दौर में मरीजों से मनमानी वसूली करने कई निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है. लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई को ठेंगा दिखाते हुए अवैध वसू

पटना में प्राइवेट हॉस्पिटल की मनमानी, कोरोना पेशेंट से 1.15 लाख की वसूली कर बिल 50 हजार का ही थमाया, केस दर्ज
First Bihar
2 मिनट

PATNA : पटना में कोरोना संक्रमण के इस दौर में मरीजों से मनमानी वसूली करने कई निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है. लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई को ठेंगा दिखाते हुए अवैध वसूली करने का सिलसिला अभी भी जारी है. दरअसल, पटना के बाईपास स्थित मेडीवर्ल्ड हॉस्पिटल को कोरोना मरीज के इलाज की अनुमति नहीं है. इसके बावजूद कोरोना मरीज को भर्ती कर महज 20 घंटे में परिजनों से 1.15 लाख रुपए की वसूली कर ली लेकिन, डिस्चार्ज होने पर मरीज के परिजनों को 50 हजार रुपए का ही बिल दिया. 


परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस से की जिसके बाद जिला प्रशासन के धावा दल ने अस्पताल पहुंचकर जांच की. इसमें भर्ती मरीज के परिजनों का आरोप सही पाया. इसके बाद रामकृष्णानगर थाने में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. दरअसल, वैशाली जिले के महुआ निवासी विजय कुमार सिंह ने जिला प्रशासन के नंबर पर शिकायत की थी. विजय के परिजन कोरोना से संक्रमित थे. बेहतर इलाज के लिए उन्हें 17 मई की शाम 4 बजे अस्पताल में भर्ती हुए थे. 18 मई को डिस्चार्ज किया गया. 


अस्पताल ने विजय को 50 हजार का बिल दिया. बिल सरकारी गाइडलाइन के अनुसार नहीं बनाया गया था. जांच के दौरान धावा दल ने आरोप को सही पाया. इसके बाद संपतचक के प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी सह मजिस्ट्रेट गौरव रंजन कुमार ने IPC, आपदा प्रबंधन अधिनियम, महामारी एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कराया है.

टैग्स