ब्रेकिंग
राजस्व कर्मचारियों को सरकार की लास्ट वार्निंग: 24 घंटे के भीतर योगदान नहीं दिया तो एक्शन तय, ट्रांसफर के बावजूद नहीं कर रहे ज्वाइनगृह मंत्री अमित शाह की चेयरमैनशिप वाली 'परिषद' में डिप्टी सीएम के साथ एक मंत्री को बनाया गया सदस्य, CM सम्राट ने की नियुक्ति खेसारी लाल यादव ने पिता को गिफ्ट की 4 करोड़ की Range Rover SV, भावुक वीडियो हुआ वायरलबिहार में SC-ST अत्याचार मामलों के लिए बनेंगे 19 नए स्पेशल कोर्ट, 171 पदों के सृजन को कैबिनेट की मंजूरीफर्जी आधार कार्ड से भारत में घूम रहा था नेपाली युवक, नाबालिग लड़की को लेकर पहुंचा मैत्री पुल; SSB ने दबोचाराजस्व कर्मचारियों को सरकार की लास्ट वार्निंग: 24 घंटे के भीतर योगदान नहीं दिया तो एक्शन तय, ट्रांसफर के बावजूद नहीं कर रहे ज्वाइनगृह मंत्री अमित शाह की चेयरमैनशिप वाली 'परिषद' में डिप्टी सीएम के साथ एक मंत्री को बनाया गया सदस्य, CM सम्राट ने की नियुक्ति खेसारी लाल यादव ने पिता को गिफ्ट की 4 करोड़ की Range Rover SV, भावुक वीडियो हुआ वायरलबिहार में SC-ST अत्याचार मामलों के लिए बनेंगे 19 नए स्पेशल कोर्ट, 171 पदों के सृजन को कैबिनेट की मंजूरीफर्जी आधार कार्ड से भारत में घूम रहा था नेपाली युवक, नाबालिग लड़की को लेकर पहुंचा मैत्री पुल; SSB ने दबोचा

घूसखोर कर्मलाल ने यूपी में बनाई बड़ी संपत्ति, विजिलेंस खंगाल रहा निवेश के तार

PATNA: विजिलेंस को पुलिस भवन निर्माण निगम के सहायक सचिव कर्मलाल की यूपी में भी संपत्ति की जानकारी मिली है। निगरानी की टीम यूपी और बिहार में कर्मलाल की इन संपत्तियों की टोह ले

FirstBihar
Anurag Goel
2 मिनट

PATNA: विजिलेंस को पुलिस भवन निर्माण निगम के सहायक सचिव कर्मलाल की यूपी में भी संपत्ति की जानकारी मिली है। निगरानी की टीम यूपी और बिहार में कर्मलाल की इन संपत्तियों की टोह ले रही है।


कर्मलाल मूलत: यूपी के रहने वाले हैं। विजिलेंस को मिली जानकारी के मुताबिक बिहार पुलिस में तैनाती के दौरान कर्मलाल ने करोड़ों की अवैध संपत्ति जमा की है। विजिलेंस की टीम जल्द ही यूपी जाकर कर्मलाल की काली संपत्तियों का ब्योरा इकठ्ठा करेगी। घूसखोरी के मामले में गिरफ्तार पूर्व पुलिस अधिकारी कर्मलाल सीने में दर्द की शिकायत के बाद इंदिरा गांधी ह्रदय रोग संस्थान (आईजीआईसी) में भर्ती हैं। विजिलेंस सूत्रों के मुताबिक आईजीआईसी में कर्मलाल से मिलने वालों का तांता लगा रहता है। इससे जांच भी प्रभावित हो रही है।


बता दें कि कर्मलाल को पिछले 24 जनवरी को विजिलेंस टीम ने एक लाख रुपये घूस लेते हुए उन्हें धर दबोचा था। कर्मलाल पर आरोप है कि राजकीय पॉलिटेक्निक छपरा और राजकीय पॉलिटेक्निक गया के पोर्टेबल केबिन के निर्माण के लिए जारी टेंडर में तीन फीसदी कमीशन की मांग की थी। दोनों ही संस्थानों में कुल 3 करोड़ 77 लाख,66 हजार का टेंडर निकला था।


गौरतलब है कि गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ने कर्मलाल के कंकड़बाग स्थित आवास की जांच की थी। जांच में 30 लाख निवेश, 12 लाख का जेवर और 3 लाख 20 हजार कैश मिले थे जिसकी जांच जारी है। जांच के दौरान निगरानी टीम को कर्मलाल के कंकड़बाग आवास से ही कागजात मिले थे लेकिन बाद में कई अन्य जगहों पर संपत्ति की जानकारी मिली थी। 


टैग्स