ब्रेकिंग
मंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारबिहार में बनेगा वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, खिलाड़ियों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण; सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारबिहार में बनेगा वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, खिलाड़ियों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण; सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला

घूसखोर कर्मलाल ने यूपी में बनाई बड़ी संपत्ति, विजिलेंस खंगाल रहा निवेश के तार

PATNA: विजिलेंस को पुलिस भवन निर्माण निगम के सहायक सचिव कर्मलाल की यूपी में भी संपत्ति की जानकारी मिली है। निगरानी की टीम यूपी और बिहार में कर्मलाल की इन संपत्तियों की टोह ले

FirstBihar
Anurag Goel
2 मिनट

PATNA: विजिलेंस को पुलिस भवन निर्माण निगम के सहायक सचिव कर्मलाल की यूपी में भी संपत्ति की जानकारी मिली है। निगरानी की टीम यूपी और बिहार में कर्मलाल की इन संपत्तियों की टोह ले रही है।


कर्मलाल मूलत: यूपी के रहने वाले हैं। विजिलेंस को मिली जानकारी के मुताबिक बिहार पुलिस में तैनाती के दौरान कर्मलाल ने करोड़ों की अवैध संपत्ति जमा की है। विजिलेंस की टीम जल्द ही यूपी जाकर कर्मलाल की काली संपत्तियों का ब्योरा इकठ्ठा करेगी। घूसखोरी के मामले में गिरफ्तार पूर्व पुलिस अधिकारी कर्मलाल सीने में दर्द की शिकायत के बाद इंदिरा गांधी ह्रदय रोग संस्थान (आईजीआईसी) में भर्ती हैं। विजिलेंस सूत्रों के मुताबिक आईजीआईसी में कर्मलाल से मिलने वालों का तांता लगा रहता है। इससे जांच भी प्रभावित हो रही है।


बता दें कि कर्मलाल को पिछले 24 जनवरी को विजिलेंस टीम ने एक लाख रुपये घूस लेते हुए उन्हें धर दबोचा था। कर्मलाल पर आरोप है कि राजकीय पॉलिटेक्निक छपरा और राजकीय पॉलिटेक्निक गया के पोर्टेबल केबिन के निर्माण के लिए जारी टेंडर में तीन फीसदी कमीशन की मांग की थी। दोनों ही संस्थानों में कुल 3 करोड़ 77 लाख,66 हजार का टेंडर निकला था।


गौरतलब है कि गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ने कर्मलाल के कंकड़बाग स्थित आवास की जांच की थी। जांच में 30 लाख निवेश, 12 लाख का जेवर और 3 लाख 20 हजार कैश मिले थे जिसकी जांच जारी है। जांच के दौरान निगरानी टीम को कर्मलाल के कंकड़बाग आवास से ही कागजात मिले थे लेकिन बाद में कई अन्य जगहों पर संपत्ति की जानकारी मिली थी। 


टैग्स