ब्रेकिंग
BPSC 71वीं में इतने अभ्यर्थियों की किस्मत चमकी! मुख्य परीक्षा का रिजल्ट घोषित, यहां मिलेगा डायरेक्ट लिंक✦झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: JSSC-CGL के मास कैंसिलेशन पर लगी रोक, करीब 2,000 सफल अभ्यर्थियों को मिली बड़ी राहत✦Bihar Education News : शिक्षा विभाग में 34 करोड़ का घोटाला, CK अनिल ने पकड़ा बड़ा खेल; सभी DEO से मांगा गया स्पष्टीकरण ...✦Bihar Police News : पटना एनकाउंटर के बाद बवाल! भीड़ को काबू करने पहुंचे ASP भी घायल, अस्पताल में पथराव और लाठीचार्ज ...✦Nitish Kumar : नीतीश कुमार भले ही मुख्यमंत्री नहीं हों पर एक्टिव हैं, गृह जिले की सड़क परियोजना का किया निरीक्षण, RCD सचिव से पूछा.....✦BPSC 71वीं में इतने अभ्यर्थियों की किस्मत चमकी! मुख्य परीक्षा का रिजल्ट घोषित, यहां मिलेगा डायरेक्ट लिंक✦झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: JSSC-CGL के मास कैंसिलेशन पर लगी रोक, करीब 2,000 सफल अभ्यर्थियों को मिली बड़ी राहत✦Bihar Education News : शिक्षा विभाग में 34 करोड़ का घोटाला, CK अनिल ने पकड़ा बड़ा खेल; सभी DEO से मांगा गया स्पष्टीकरण ...✦Bihar Police News : पटना एनकाउंटर के बाद बवाल! भीड़ को काबू करने पहुंचे ASP भी घायल, अस्पताल में पथराव और लाठीचार्ज ...✦Nitish Kumar : नीतीश कुमार भले ही मुख्यमंत्री नहीं हों पर एक्टिव हैं, गृह जिले की सड़क परियोजना का किया निरीक्षण, RCD सचिव से पूछा.....

पंचायत का तुगलकी फरमान, नवविवाहित दंपति को गांव छोड़ने का आदेश

MUZAFFARPUR: विधवा विवाह को लेकर समाज की धारणा आज भी पुरानी कुरीतियों को दुहरा रही है। ताजा मामला बिहार के मुजफ्फरपुर जिले का है जहां एक विधवा ने जब अपने पड़ोस में रहने वाले युवक क

पंचायत का तुगलकी फरमान, नवविवाहित दंपति को गांव छोड़ने का आदेश
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

MUZAFFARPUR: विधवा विवाह को लेकर समाज की धारणा आज भी पुरानी कुरीतियों को दुहरा रही है। ताजा मामला बिहार के मुजफ्फरपुर जिले का है जहां एक विधवा ने जब अपने पड़ोस में रहने वाले युवक के साथ घर बसा लिया तो पंचायती लगाकर गांव के लोगों ने तुगलकी फरमान सुना दिया। पंचायत ने दोनों को गांव से बाहर जाने का आदेश जारी कर दिया।


मामला देवरिया थाना क्षेत्र के चांद केबाड़ी पंचायत का है। जहांं वार्ड 15 की आंगनबाड़ी सेविका अनुराधा कुमारी ने गांव के ही धर्मेंद्र से कुछ दिन पहले शादी कर ली थी। लेकिन ऐसा करना गांव वालों को नागवार गुजर रहा था। स्थानीय लोग उग्र हो गए और पंचायत बुला नवविवाहित दंपति को गांव से निकालने का आदेश दे दिया। 


बीमार पति की मौत के बाद की दूसरी शादी

पीड़िता अनुराधा कुमारी ने बताया कि उसकी शादी 2015 में हुई थी, लेकिन पिछले साल बीमारी की वजह से उसके पति की मौत हो गई। पति के जाने के बाद वो गांव के युवक धर्मेंद्र की मदद से वह आंगनबाड़ी में काम कर रही थी। इसी बीच लोग धर्मेंद्र और उसे लेकर तरह तरह के ताने कसने लगे। समाज के तानों से परेशान होकर उसने युवक से शादी कर ली। अनुराधा ने बताया कि शादी करने की वजह भी यह थी कि कोई उन दोनों को लेकर अपशब्द ना कहे, लेकिन अब मामला उल्टा ही हो गया है। 


गांव नहीं छोड़ने पर अंजाम भुगतने की मिली धमकी 

नवविवाहित दंपति अनुराधा और धर्मेंद्र को लगा था कि शादी करने के बाद सब कुछ ठीक हो जाएगा, लेकिन गांव के लोगों को यह शादी रास नहीं आई। गांव में पंचायत बैठाकर दोनों को गांव छोड़कर जाने का फरमान सुना दिया गया। बीती 17 जुलाई को गांव के पंचों ने पंचायत बुलायी थी। पंचों ने फैसला लेते हुए दोनों को 25 जुलाई तक गांव छोड़ देने का आदेश दिया। अनुराधा व धर्मेंद्र ने बताया कि टोला निवासी व शिक्षक जयराम साह के नेतृत्व में पंचायत बुलायी गई थी और पंचायत में ही गांव नहीं छोड़ने पर बुरा अंजाम भुगतने की धमकी भी दी गयी।


एसडीएम ने मामले को गंभीर बताया,कहा-जांच के बाद होगी कार्रवाई

नवविवाहित अनुराधा और धर्मेंद्र ने बताया कि उन्होंने  डीएम और एसएसपी को भी आवेदन देकर न्याय के साथ सुरक्षा की गुहार लगाई है। वहीं देवरिया थानाध्यक्ष उदय कुमार ने बताया कि दोनों बालिग हैं अगर मनमर्जी से शादी किये है तो बुराई क्या है लेकिन गांव छोड़ने का पंचों द्वारा दिया गया आदेश कानूनन अपराध है। मामले की जांच कर दोषी पर कार्रवाई की जाएगी । वही पूरे मामले में पूछे जाने पर एसडीओ पश्चिमी बृजेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है जांचोपरांत होगी कठोर कार्रवाई । 


नवविवाहित दंपति कर रहे न्याय की मांग 

अनुराधा और धर्मेंद्र अब न्याय की मांग कर रहे हैं। अनुराधा का कहना है कि परिवार को चलाने के लिए उसने यह कदम उठाया है। इसमें बुराई क्या है पता नही इस समाज को क्या हो गया है। आज दुनिया कितनी तरक्की कर रही है लेकिन बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर के देवरिया इलाका आज भी महिलाओं के लिए अभिशाप बना हुआ है। कोई अगर जीना चाहता है तो उसकी जिंदगी में समाज के लोग रोड़ा बन जाता है। पीड़ित दंपति अब न्याय की आस लगाए बैठा है। अनुराधा और धर्मेन्द्र को पूरा विश्वास है कि उसे न्याय जरूर मिलेगा।