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मुजफ्फरपुर में छिनतई गैंग का पर्दाफाश, 3 अपराधी गिरफ्तार, 18 मोबाइल, लैपटॉप और जेवरात बरामद

मुजफ्फरपुर पुलिस ने महिला से पर्स छिनतई मामले का खुलासा करते हुए तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 18 मोबाइल, लैपटॉप, जेवरात और दो बाइक बरामद की गई हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

बिहार न्यूज
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
5 मिनट

MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर जिले में लगातार बढ़ती चोरी और राहजनी की वारदातों के बीच मुजफ्फरपुर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। भीखनपुर इलाके के पास एक महिला से सरेराह पर्स छिनतई की घटना के बाद एक्टिव हुई पुलिस टीम ने महज कुछ ही घंटों के भीतर एक सक्रिय और शातिर छिनतई गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के तीन मुख्य अपराधियों को रंगे हाथों और पुख्ता सबूतों के साथ गिरफ्तार किया है।


गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अहियापुर थाना क्षेत्र के रहने वाले राहुल कुमार, आलोक कुमार और अभिषेक कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह पिछले काफी समय से शहर के अलग-अलग इलाकों में आतंक का पर्याय बना हुआ था और राह चलती महिलाओं तथा राहगीरों को अपना निशाना बना रहा था।


महिला से छिनतई के बाद एक्शन में आई पुलिस:

 घटना की शुरुआत भीखनपुर के समीप हुई, जहां अपराधियों ने एक महिला का पर्स छीन लिया और बाइक से फरार हो गए। पीड़िता द्वारा शोर मचाने और मामले की शिकायत पुलिस को मिलने के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई। वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान के जरिए पुलिस ने सबसे पहले राहुल कुमार को घेराबंदी कर दबोच लिया। राहुल की तलाशी लेने पर उसके पास से पीड़िता का छीना गया पर्स और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली गई।


पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा: 

गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने राहुल कुमार से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने गिरोह के पूरे नेटवर्क का राज उगल दिया। राहुल से मिले सुरागों और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने शहर के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने गिरोह के दो अन्य सदस्यों, आलोक कुमार और अभिषेक कुमार को भी सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि इस पूरे गिरोह में कुल 4 से 5 सदस्य सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। गिरोह ने अपराध करने का एक खास तरीका (मोडस ऑपरेंडी) बना रखा था। राहुल कुमार और अभिषेक कुमार बाइक पर सवार होकर निकलते थे। ये दोनों मुख्य रूप से वैसी महिलाओं और राहगीरों को चिन्हित करते थे जो सुनसान रास्तों पर अकेले जा रहे होते थे। इसके बाद झपट्टा मारकर सामान छीन लेते थे।


फर्जी नंबर प्लेट का करते थे इस्तेमाल: 

पुलिस को चकमा देने और अपनी पहचान छुपाने के लिए अपराधी बेहद शातिराना तरीका अपनाते थे। वारदात को अंजाम देने के दौरान वे अपनी मोटरसाइकिल पर फर्जी नंबर प्लेट लगा लेते थे, ताकि यदि कोई सीसीटीवी फुटेज या चश्मदीद पुलिस को गाड़ी का नंबर बताए, तो पुलिस गुमराह हो जाए। वहीं, गिरोह के तीसरे सदस्य आलोक कुमार की भूमिका इस पूरे सिंडिकेट में सबसे अहम थी। आलोक का काम चोरी और छिनतई किए गए मोबाइल, लैपटॉप, सोने-चांदी के जेवर आदि कीमती सामानों को बाजार में ठिकाने लगाना और उन्हें सस्ते दामों पर बेचना था।


भारी मात्रा में सामान और आभूषण बरामद: 

पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों के पास से भारी मात्रा में लूटा गया सामान बरामद किया है। बरामद सामानों की सूची में विभिन्न कंपनियों के 18 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, दो मोटरसाइकिल (जिसमें वारदात में प्रयुक्त बाइक भी शामिल है), सोने की एक अंगूठी, कान की बाली, चांदी की पांच जोड़ी बिछिया, महिला से छीना गया बैग और अन्य संदिग्ध सामान शामिल हैं। इतनी बड़ी मात्रा में मोबाइल और जेवरात की बरामदगी से साफ है कि यह गिरोह शहर में कितनी बड़ी संख्या में वारदातों को अंजाम दे चुका था।


एसडीपीओ ने दी जानकारी, अन्य की तलाश जारी: 

इस बड़ी सफलता के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए एसडीपीओ टाउन-2 विनीता सिन्हा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों अपराधियों का पुराना और लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। इनके खिलाफ पहले से भी विभिन्न थानों में मामले दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि इस गिरोह के पकड़े जाने से शहर में छिनतई की घटनाओं पर काफी हद तक लगाम लगेगी। एसडीपीओ ने यह भी स्पष्ट किया कि गिरोह के कुछ अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी पहचान कर ली गई है। पुलिस की टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही उन्हें भी जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

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रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

MANOJ KUMAR

FirstBihar संवाददाता