KAIMUR: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं की मांग पर 10 साल पहले प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू की थी। इस कानून के तहत ना तो कोई शराब का सेवन कर सकता है और ना ही इसकी बिक्री कर सकता है। लेकिन इन दस वर्षों से अभी तक ऐसा कोई दिन नहीं होगा जब शराब की खेप पकड़ी नहीं जाती हो।
ताजा मामला कैमूर का है जहां पुलिस ने 35 लाख रुपये की शराब जब्त की है। शराब की यह खेप पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से लाई गयी थी। विदेशी शराब से लदे कंटेनर को पुलिस ने दुर्गावती से पकड़ा और चालक को गिरफ्तार किया जो बाड़मेर का रहने वाला है। उसे पटना भेजने की तैयारी चल रही है।
बिहार में पूर्ण शराबबंदी को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कैमूर पुलिस निरंतर सक्रिय है। इसी कड़ी में, दुर्गावती थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक बड़ी सफलता हासिल की है। मोहनिया डीएसपी प्रदीप कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि पुलिस को उत्तर प्रदेश की ओर से शराब की एक बड़ी खेप आने की सूचना मिली थी।
संयुक्त छापेमारी में मिली सफलता
सूचना मिलते ही मद्य निषेध विभाग और दुर्गावती थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कर्मनाशा स्थित पावर ग्रिड के समीप नाकेबंदी की। सघन तलाशी के दौरान एक संदिग्ध कंटेनर को रोका गया, जिसकी जांच करने पर उसमें भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई।
3537 लीटर शराब बरामद
डीएसपी प्रदीप कुमार ने बताया कि जब्त किए गए कंटेनर से कुल *3537 लीटर* शराब मिली है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग *35 लाख रुपये* आंकी गई है। पुलिस ने मौके से कंटेनर चालक को भी गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार चालक की पहचान 20 वर्षीय गणेश के रूप में हुई है, जो राजस्थान के बाड़मेर जिले का निवासी बताया जा रहा है।
पटना में शराब खपाने की थी योजना
प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि शराब की यह खेप उत्तर प्रदेश से लाई जा रही थी और इसे बिहार की राजधानी पटना में डिलीवर किया जाना था। डीएसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस इस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है कि इस धंधे के पीछे मुख्य सरगना कौन है। फिलहाल, चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।





