JAMUI: सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद बिहार में जमीन विवाद का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला जमुई का है जहां डेढ़ डिसमिल जमीन के लिए भतीजे ने चाचा को लाठी डंडे से बेरहमी से पीटा। इससे भी मन नहीं भरा तो हसुए से घुटर यादव के दोनों पैरों को काट डाला। बुरी तरह घायल चाचा घुटर यादव की हालत गंभीर बनी हुई है।
जमुई जिले के झाझा थाना क्षेत्र के भीखा गांव में जमीन विवाद में खौफनाक रूप ले लिया, जब एक बुजुर्ग व्यक्ति पर 8 से 10 लोगों ने मिलकर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने पहले लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई की और फिर हसुए से उनके दोनों पैरों पर वार कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस अमानवीय घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
घायल की पहचान गांव के ही निवासी घुटर यादव के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई और आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झाझा ले जाया गया। वहां तैनात चिकित्सक डॉ. सादिया अहमद ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल जमुई रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार घायल की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
घायल घुटर यादव ने बताया कि करीब चार वर्षों से डेढ़ डिसमिल जमीन को लेकर उनके गोतिया भतीजे चांदेव के साथ विवाद चल रहा था। कई बार पंचायत स्तर पर मामले को सुलझाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। शनिवार को जब वे अपनी जमीन पर पहुंचे, तो इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और चांदेव, परशुराम, सुधीर समेत अन्य लोगों ने मिलकर उन पर हमला बोल दिया।
परिजनों के अनुसार हमलावर पूरी तैयारी के साथ पहुंचे थे और घटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही झाझा थाना पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटे-छोटे जमीन विवाद किस तरह हिंसक रूप लेकर जानलेवा बन जाते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि इलाके में कानून व्यवस्था बनी रहे और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
जमुई से धीरज कुमार सिंह की रिपोर्ट




