ब्रेकिंग
मंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारबिहार में बनेगा वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, खिलाड़ियों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण; सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारबिहार में बनेगा वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, खिलाड़ियों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण; सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला

Crime News: 'मेरे से अब यह SIR का काम नहीं हो सकेगा', मानसिक दबाव में BLO ने की आत्महत्या

Crime News: गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के कोडिनार तालुका के छारा गांव में SIR के काम में लगे बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और शिक्षक अरविंद वाढ़ेर ने काम के दबाव और मानसिक थकान के चलते आत्महत्या कर ली।

Crime News
क्राइम न्यूज
© GOOGLE
PRIYA DWIVEDI
4 मिनट

Crime News: गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के कोडिनार तालुका के छारा गांव में SIR के काम में लगे बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और शिक्षक अरविंद वाढ़ेर ने काम के दबाव और मानसिक थकान के चलते आत्महत्या कर ली। उनकी मौत ने पूरे शिक्षा और प्रशासनिक समुदाय को झकझोर दिया है और शैक्षिक संघों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है।


40 वर्षीय अरविंद वाढ़ेर ने अपनी मौत से पहले पत्नी को भावुक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उन्होंने कहा, “मेरे से अब यह SIR का काम नहीं हो सकेगा। मैं लगातार कुछ दिनों से थकान और परेशानी महसूस कर रहा हूं। तुम अपना और बेटे का ख्याल रखना। मैं तुम दोनों को बहुत चाहता हूं, लेकिन अब मैं बहुत मजबूर हो गया हूं। मेरे पास अब कोई विकल्प नहीं बचा।” उन्होंने नोट में यह भी बताया कि उनके बैग में SIR के सभी कागजात हैं, जिन्हें स्कूल में जमा कर दिया जाए।


अरविंद की मौत के बाद अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, गुजरात प्रांत ने SIR के तहत शिक्षकों द्वारा की जा रही ऑनलाइन प्रक्रिया का बहिष्कार करने की घोषणा की है और आगे की रणनीति पर चर्चा जारी है। यह घटना BLOs और शिक्षकों के कार्यभार, मानसिक दबाव और असुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।


देश के अन्य हिस्सों में भी BLOs की लगातार मौतें और आत्महत्या के मामले सामने आए हैं। गुजरात के खेड़ा जिले में एक BLO की मौत हुई, जबकि पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में एक BLO ने कथित तौर पर आत्महत्या की। राजस्थान में सवाई माधोपुर में एक BLO की हार्ट अटैक से मौत हुई, और जयपुर में 16 नवंबर को एक सरकारी स्कूल शिक्षक ने आत्महत्या कर ली, परिजनों का आरोप था कि वह मतदाता सूची से जुड़े भारी दबाव में थे।


तमिलनाडु के कुंभकोणम में एक वरिष्ठ नागरिक आंगनवाड़ी BLO ने कथित तौर पर काम के बोझ से परेशान होकर 44 गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। केरल के कन्नूर में भी SIR से जुड़े तनाव के चलते एक BLO ने जीवन समाप्त कर लिया। वहीं, पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले में 9 नवंबर को एक BLO की ब्रेन स्ट्रोक से मौत हुई, जिसे परिजनों ने मानसिक तनाव से जोड़ा।


विशेषज्ञों का मानना है कि मतदाता सूची सुधार प्रक्रिया में लगे BLOs पर अत्यधिक कार्यभार, तकनीकी और प्रशासनिक दबाव, और समय की कड़ी सीमाएं गंभीर मानसिक तनाव पैदा करती हैं। कई मामलों में यह तनाव इतना बढ़ जाता है कि BLOs और शिक्षकों के लिए इसे संभालना मुश्किल हो जाता है। शिक्षा और प्रशासनिक संगठनों ने अब BLOs की कार्यशर्तों, मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा उपायों पर पुनर्विचार की मांग शुरू कर दी है। सभी मामले यह संकेत देते हैं कि देश में BLOs और शिक्षकों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सपोर्ट सिस्टम की तत्काल आवश्यकता है, ताकि कोई और कर्मचारी भारी दबाव के चलते आत्महत्या जैसा कदम न उठाए। प्रशासन और राज्य सरकारों को अब कार्यभार, प्रशिक्षण और मानसिक स्वास्थ्य सहायता को लेकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है।