Bihar Tender Scam: सरकारी ठेकों में कथित भ्रष्टाचार और टेंडर घोटाले की जांच के तहत 15 कंपनियां केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रडार पर आ गई हैं। जांच एजेंसी को आशंका है कि इन कंपनियों को नियमों की अनदेखी कर सरकारी ठेकों का आवंटन किया गया।
ईडी के अनुसार इन कंपनियों को सबसे अधिक कार्य नगर विकास एवं आवास विभाग की एजेंसी बुडको (बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम) से मिला, जबकि जल संसाधन विभाग और भवन निर्माण विभाग से भी इन्हें कई परियोजनाएं आवंटित की गईं।
ईडी ने जून 2025 में इन कंपनियों को चिह्नित करते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग से इनके सभी ठेकों का विस्तृत ब्योरा मांगा था। जांच एजेंसी को संदेह है कि कुछ कंपनियों को रिशु श्री के प्रभाव के जरिए सरकारी ठेके दिलाए गए। इसी आधार पर वर्ष 2016 के बाद से इन कंपनियों को मिले सभी प्रोजेक्ट्स की जानकारी जुटाई गई है।
रिशु श्री से जुड़े तार खंगाल रही ईडी
जांच में सामने आया है कि रिलायबल एंटरप्राइजेज और रिलायबल इंफ्रा सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियां सीधे तौर पर रिशु श्री से जुड़ी हुई हैं। अन्य कंपनियों को भी उनके माध्यम से लाभ पहुंचाए जाने की आशंका के मद्देनजर ईडी इनके मालिकों, प्रबंधन और शेयरधारकों की भूमिका की जांच कर रही है।
सूत्रों के अनुसार एजेंसी को शक है कि कुछ कंपनियों को ब्लैकलिस्टेड या डिबार होने के बावजूद करोड़ों रुपये के सरकारी ठेके दिए गए। आरोप यह भी है कि कई कंपनियों ने कथित तौर पर गलत दस्तावेजों के आधार पर टेंडर हासिल किए। इसके बावजूद संबंधित विभागों और बुडको के तत्कालीन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
दस्तावेज और भुगतान रिकॉर्ड की हो रही जांच
ईडी फिलहाल कंपनियों के दस्तावेज, भुगतान रिकॉर्ड और टेंडर प्रक्रिया से जुड़ी जानकारियों का सत्यापन कर रही है। एजेंसी की मांग पर बुडको पहले ही संबंधित रिपोर्ट उपलब्ध करा चुका है। सूत्रों के मुताबिक फिलहाल इन कंपनियों में से किसी को भी विभाग या बुडको स्तर पर नया काम नहीं दिया जा रहा है।
अधिकारियों पर कार्रवाई से पहले जुटाए जा रहे साक्ष्य
जांच एजेंसियां संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई से पहले पर्याप्त साक्ष्य जुटाने में लगी हैं। रिशु श्री की गिरफ्तारी विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) में दर्ज केस संख्या 05/25 के तहत हुई है, जो ईडी की जांच रिपोर्ट पर आधारित है। ऐसे में ईडी की रिपोर्ट और आरोपितों के बयानों का सत्यापन एसवीयू के लिए अहम चुनौती बना हुआ है।
ईडी ने अपनी जांच के दौरान रिशु श्री के अलावा भवन निर्माण विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता तारिणी दास और बिहार प्रशासनिक सेवा के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी मुमुक्षु चौधरी समेत अन्य लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं।
रिशु श्री के इलाज का कोर्ट ने दिया निर्देश
इस बीच निगरानी कोर्ट ने सोमवार को बेऊर जेल में न्यायिक हिरासत में बंद रिशु श्री के इलाज की समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया। उनके अधिवक्ता ने कोर्ट में आवेदन देकर स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जेल अधीक्षक को जेल मैन्युअल के अनुसार उपचार सुनिश्चित करने का आदेश दिया। एसवीयू ने टेंडर घोटाले के मामले में रिशु श्री को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेजा है।
ईडी की रडार पर ये 15 कंपनियां
रिलायबल एंटरप्राइजेज
रिलायबल इंफ्रा सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड
श्री नेस्टबिल्ड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड
अर्बन एनवायर्नमेंटल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड
साई आशीर्वाद कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड
रीताश्री एंटरप्राइजेज
तोशिबा वाटर सॉल्यूशंस
केवड़िया कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड
भुगन इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड
जैनम कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड
ऑर्गेनिका प्राइवेट लिमिटेड
ऑर्गेनिका 121 प्राइवेट लिमिटेड
जेएम एनवायरो प्राइवेट लिमिटेड
वीए टेक वबाग प्राइवेट लिमिटेड
ईएमएस इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड


