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बिहार में ऐसे हो रही है शराबबंदी: बक्सर की महादलित बस्ती के सारे लोग घर छोड़ कर भागे, पुलिसिया जुल्म से खौफ में हैं लोग

BUXAR: बिहार के बक्सर में महादलितों की एक बस्ती के सारे लोग घर छोड़ कर भाग खड़े हुए हैं. मुसहर जाति की इस बस्ती में कोई मर्द मौजूद नहीं है. पुलिस ने इस गांव के 51 लोगों के खिल

बिहार में ऐसे हो रही है शराबबंदी: बक्सर की महादलित बस्ती के सारे लोग घर छोड़ कर भागे, पुलिसिया जुल्म से खौफ में हैं लोग
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

BUXAR: बिहार के बक्सर में महादलितों की एक बस्ती के सारे लोग घर छोड़ कर भाग खड़े हुए हैं. मुसहर जाति की इस बस्ती में कोई मर्द मौजूद नहीं है. पुलिस ने इस गांव के 51 लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज कर लिया है. उसके बाद पूरी बस्ती खाली हो गयी है. ये सारी कवायद शराबबंदी के नाम पर हो रही है.


बक्सर की मुरार थाना पुलिस ने थाने पर हमला करने और पुलिस वाहन में तोड़-फोड़ करने के आरोप में ने फोड़ने के मामले में चौगाईं महादलित टोला में रहने वाले 11 लोगो पर नामजद और 40 अज्ञात पर एफआईआर दर्ज किया है. पुलिस लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है. इसके बाद वहां भारी खौफ का आलम है. पुलिस के डर से इस बस्ती के पुरूष भाग खड़े हुए हैं. पुलिस कह रही है कि आलाधिकारियों के निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही है.


शराब के नाम पर फसाद

बता दें कि ये फसाद सोमवार की शाम को शुरू हुआ था. सोमवार की शाम उत्पाद विभाग की टीम चौगाईं महादलित टोला से चार युवकों को गिरफ्तार कर अपने साथ लेकर चली गई. उन लोगों को किस आरोप में पकड़ा गया इसकी कोई जानकारी स्थानीय लोगों या उनके परिवार वालों को नहीं दी गयी. चूंकि उत्पाद विभाग की टीम में शामिल कर्मी पुलिस जैसी वर्दी पहने थे लिहाजा लोगों को ये लगा कि पुलिस गांव के युवकों को गिरफ्तार कर ले गयी है. इसके बाद महादलित टोले के लोग उन युवकों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए मुरार थाने पहुंच गये. मुरार थाने की पुलिस ने युवकों की गिरफ्तारी के बारे में अनभिज्ञता जता दिया. पुलिस ने कहा कि उसे कुछ मालूम ही नहीं है.


ऐसे में महादलित टोले के लोगों को आशंका हुई कि चारों युवकों के साथ कोई अनहोनी हो गयी है और पुलिस इससे पल्ला झाड़ रही है. लिहाजा लोग उग्र हो गए. उग्र लोगों ने थाने पर पथराव करना शुरु कर दिया. पथराव से पुलिस जीप क्षतिग्रस्त हो गई और थाने के अंदर रखे सामान का भी नुकसान हुआ है. हालांकि पथराव की इस घटना में कोई पुलिस वाला जख्मी नहीं हुआ. बाद में पुलिस ने पथराव करने वालों खदेड़ दिया. बाद में उत्पाद पुलिस ने बताया कि उसने अशोक मुसहर, करीमन मुसहर, लल्लू मुसहर और जम्मू मुसहर को गिरफ्तार किया है जो नशे में चूर थे. उन्हें गिरफ्तार कर बक्सर ले जाया गया था.


इस घटना के बाद मुरार थाना पुलिस एक्शन में आयी. थानाध्यक्ष रविकांत प्रसाद के बयान पर चौगाई महादलित टोले के 11 नामजद के अलावा 40 अज्ञात लोगों पर थाना पर हमला करने, पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त करने जैसे संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज की गयी है. उसके बाद महादलित टोले के लोग घर छोड़ कर भाग खड़े हुए हैं.


इस पूरे मामले में बिहार सरकार के उत्पाद विभाग पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. देश में लागू कानून के मुताबिक किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद उसके परिजनों को गिरफ्तारी की जानकारी देनी होती है. लेकिन बिहार के कई हिस्सों से ये खबर लगातार आ रही है कि उत्पाद विभाग की टीम बगैर किसी को जानकारी दिये लोगों को उठा कर ले जा रही है. उत्पाद विभाग की टीम गिरफ्तारी की सूचना स्थानीय पुलिस तक को नहीं दे रही है. बक्सर के महादलित टोले से चार लोगों को उठा लिये जाने के बाद ग्रामीणों को जब उनके बारे में पुलिस से कोई जानकारी नहीं मिली तभी वे उग्र हुए.