Bihar Crime News: बिहार के भागलपुर से अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बंगाल एसटीएफ (STF) को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ की टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से शुक्रवार तड़के इशाकचक थाना क्षेत्र के भीखनपुर स्थित सेंको गली में छापेमारी कर हथियार तस्करी के आरोपी सीत कुमार राम को गिरफ्तार किया।
वह मूल रूप से मुंगेर जिले का रहने वाला है और गिरफ्तारी से बचने के लिए भागलपुर में छिपकर रह रहा था। आरोपी सीत कुमार राम ने अपनी पहचान छिपाने के लिए भागलपुर में खुद को निजी शिक्षक (ट्यूटर) के रूप में पेश कर रखा था। हालांकि, जांच एजेंसियों के अनुसार, पर्दे के पीछे वह मुंगेर से बंगाल तक अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।
सब इंस्पेक्टर नदीम अहमद के नेतृत्व में पहुंची बंगाल एसटीएफ की टीम ने गिरफ्तार आरोपी को शुक्रवार को भागलपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) राज कपूर की अदालत में पेश किया। टीम ने आरोपी को बंगाल ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दी। इसके बाद एसटीएफ आरोपी को अपने साथ बंगाल लेकर रवाना हो गई। वहां उसे उत्तर 24 परगना जिले के बारासात (नॉर्थ) न्यायालय के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ उत्तर 24 परगना जिले के डेगंगा थाना में दर्ज कांड संख्या 552/2024 के तहत वारंट जारी था।
जांच के अनुसार, सीत कुमार राम मूल रूप से मुंगेर जिले के नया रामनगर थाना क्षेत्र के लालू पोखर, नागलोक अड़गड़ा का रहने वाला है। वह भागलपुर के भीखनपुर स्थित सेंको गली में किराये पर ठिकाना बनाकर रह रहा था।
एसटीएफ के मुताबिक, वह खुद को निजी शिक्षक बताकर स्थानीय लोगों के बीच अपनी पहचान सामान्य बनाए रखता था। लेकिन उसका कथित असली काम मुंगेर से हथियार लाकर भागलपुर में बंगाल के हथियार तस्करों तक पहुंचाना था। बताया जाता है कि वह मालदा निवासी हथियार तस्कर अब्दुल हन्नान और उसके गिरोह को मुंगेर से हथियारों की खेप उपलब्ध कराता था। इस हथियार तस्करी नेटवर्क का खुलासा 15 सितंबर 2024 को हुआ था। उस दौरान बंगाल एसटीएफ ने मालदा के कलियाचक निवासी अब्दुल हन्नान को डेगंगा थाना क्षेत्र से स्वचालित हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था।
पूछताछ के दौरान हन्नान ने कथित तौर पर खुलासा किया था कि बिहार के मुंगेर से आने वाले हथियारों की खेप सीत कुमार राम भागलपुर में उपलब्ध कराता था। इसके बाद यह गिरोह उत्तर 24 परगना समेत बंगाल के कई जिलों में हथियारों की सप्लाई करता था। एसटीएफ की जांच में सामने आया कि सीत कुमार राम कथित तौर पर अपनी गतिविधियों को छिपाने के लिए काफी सतर्कता बरतता था। वह बंगाल के तस्करों से सीधे फोन पर बातचीत करने से बचता था और संपर्क के लिए व्हाट्सएप कॉल तथा गुप्त कोड का इस्तेमाल करता था।
जांच एजेंसी के अनुसार, हथियारों की डिलीवरी और आने-जाने की तारीख पहले से तय की जाती थी। निर्धारित समय पर वह मुंगेर से हथियार और कारतूस लेकर भागलपुर पहुंचता था और वहां से बंगाल के तस्कर गिरोह को सौंप देता था। सीत कुमार राम के खिलाफ अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद बंगाल एसटीएफ उसकी तलाश में जुटी थी। टीम लगातार उसके संभावित ठिकानों पर नजर रख रही थी। आखिरकार शुक्रवार तड़के भागलपुर के भीखनपुर इलाके में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर बंगाल ले जाया गया है।




