Bihar Crime News: बिहार के बेगूसराय के चर्चित चकिया गैंगरेप मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले की जांच कर रही विशेष अनुसंधान टीम (SIT) ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं फरार चल रहे एक अन्य नामजद आरोपी के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर इश्तेहार चस्पा करते हुए मुनादी कराई गई है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
एसपी मनीष ने बताया कि चकिया थाना क्षेत्र की एक महिला के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इस कांड में कुल पांच लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें तीन नामजद और दो अज्ञात शामिल थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर लगातार छापेमारी की जा रही थी।
उन्होंने बताया कि इससे पूर्व SIT द्वारा दो आरोपियों को फरीदाबाद और बेगूसराय के दियारा क्षेत्र से गिरफ्तार किया जा चुका था। वहीं तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर SIT एवं DIU की संयुक्त टीम ने अब दो और आरोपियों को दबोच लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों में सिमरिया घाट निवासी रामू महतो उर्फ रामबाबू सहनी (करीब 30 वर्ष) तथा शाम्हो थाना क्षेत्र के झगड़ाहा जगनसैदपुर निवासी सोली बिन्द उर्फ सोलिया उर्फ सोनू (करीब 25 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान दोनों ने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। उनके खिलाफ पर्याप्त तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्य भी उपलब्ध हैं।
मामले में फरार चल रहे मुख्य नामजद आरोपी सूरज महतो की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। गिरफ्तारी नहीं होने पर न्यायालय के आदेश के तहत आरोपी के गांव में डुगडुगी बजवाकर सार्वजनिक मुनादी कराई गई और उसके घर पर इश्तेहार चस्पा किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि आरोपी जल्द आत्मसमर्पण नहीं करता है तो आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
इस बहुचर्चित मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। बुधवार को विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी पीड़िता से मिलने पहुंचे थे और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा था। वहीं गुरुवार को बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी पीड़िता से मुलाकात कर परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया तथा सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।





