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वैशाली के प्रिंस राज ने UPSC में हासिल की 141वीं रैंक, जिले का नाम किया रोशन

कौन कहता है आसमान में सुराग नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों। ये पंक्तियाँ मेहनत और हौसले की ताक़त को बयां करती हैं, जिसे प्रिंस राज ने सच कर दिखाया है।

BIHAR
UPSC टॉपर की कहानी
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Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

VAISHALI: मन मे अगर कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कोई भी परेशानी आपकी सफलता में बाधा नहीं बन सकता। कुछ ऐसा ही काम कर दिखाया है वैशाली जिले के प्रिंस राज ने जिसने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से ना सिर्फ यूपीएससी परीक्षा को पास किया बल्कि 141 वां रैंक लाकर जिले का नाम भी रौशन कर दिया है।


हाजीपुर के गांधी आश्रम मोहल्ले के रहने वाले शिक्षक त्रिवेणी प्रसाद के बेटे प्रिंस राज की प्रारंभिक पढ़ाई हाजीपुर से ही और उसने 10th से 12 th वैशाली जिले से किया. जिसके बाद प्रिंस ने आईआईटी से ग्रेजुएशन किया. और फिर 4 साल से यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। 


प्रिंस ने बताया कि उसने कभी 6-7 घण्टे से अधिक पढ़ाई नहीं की। क्योंकि उसे पता था कि मेहनत करना है। परिणाम की चिंता नहीं करना है। और इसी मूल मंत्र पर चलते हुए प्रिंस ने आखिरकार देश के सबसे कठिन परीक्षा को पास कर लिया है। प्रिंस की सफलता से जहाँ माता-पिता और पूरा परिवार खुश है। वहीं बधाई देने वालों का घर पर तांता लगा हुआ है। प्रिंस की मां बताती है कि प्रिंस बचपन से ही पढ़ने में अच्छा था और उसे कभी पढ़ने के लिए बोलने की जरूरत नहीं हुई। क्योंकि उसका जब भी मन होता था वह पढ़ने के लिए बैठ जाता था।

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