ब्रेकिंग
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी✦दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी

50 हजार TET-STET अभ्यर्थियों को मिला शिक्षक बनने का मौका, चल रही है बहाली प्रक्रिया

PATNA : सरकार के एक फैसले से बिहार के लगभग 50 हजार अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने का बड़ा मौका मिलने जा रहा है। 2019 में खत्म हुई टीईटी-एसटीईटी अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र की वैधता को स

FirstBihar
Anurag Goel
2 मिनट

PATNA : सरकार के एक फैसले से बिहार के लगभग 50 हजार अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने का बड़ा मौका मिलने जा रहा है। 2019 में खत्म हुई टीईटी-एसटीईटी अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र की वैधता को सरकार ने दो साल के लिए बढ़ा दिया है। सरकार ने पहले सात साल की वैधता तय की थी जिसे बढ़ा कर नौ साल कर दिया गया है।


सरकार के इस फैसले से छठे चरण में होने वाली शिक्षक बहाली प्रकिया में लगभग 50 हजार अभ्यर्थियों को सीधा फायदा मिलेगा। सात साल वाली वैधता के नियमों की वजह से इन अभ्यर्थियों को अब तक शिक्षक बहाली प्रकिया में शामिल होने का मौका नहीं मिला था।


गौरतलब है  कि 2012 में आयोजित एसटीईटी में 75 हजार ऐसे अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त नहीं किया था। ऐसे अभ्यर्थियों को राज्य सरकार ने ट्रेनिंग लेने को कहा था। सरकार के निर्देश के बाद ट्रेंड होने के बावजूद भी कुछ अभ्यर्थी बच गये थे, जिनका नियोजन नहीं हो पाया था। इस बीच 2019 में प्रमाणपत्र की वैधता खत्म हो गयी थी।  

टैग्स