GOAL Pre Foundation Program: पटना के विद्यापति भवन में कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों के लिए GOAL की ओर से विशेष प्री-फाउंडेशन मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में विद्यार्थियों को स्कूली पढ़ाई के साथ भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, करियर चयन और पढ़ाई की सही आदतों को लेकर जरूरी जानकारी दी गई.
कार्यक्रम में GOAL के सीएमडी बिपिन सिंह, सहायक निदेशक रंजय सिंह, आरएंडडी प्रमुख आनंद वत्स और अकादमिक प्रमुख गौरव सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित किया. इस दौरान GOAL से चयनित होकर वर्तमान में पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में अध्ययनरत मेडिकल विद्यार्थियों ने भी अपनी तैयारी और अनुभव साझा किए.
GOAL के सीएमडी बिपिन सिंह ने कहा कि हर बच्चे में आगे बढ़ने की क्षमता होती है. जरूरत सिर्फ उसकी रुचि और क्षमता को समझकर उसे सही दिशा देने की है. उन्होंने कहा कि कक्षा 9वीं और 10वीं में पढ़ाई का उद्देश्य केवल अच्छे अंक हासिल करना नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों में सवाल पूछने, सीखने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की आदत भी विकसित होनी चाहिए.
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की तुलना दूसरे विद्यार्थियों से नहीं करने की अपील की. उनका कहना था कि बच्चों के परिणाम के साथ उनकी मेहनत और प्रगति को भी महत्व दिया जाना चाहिए. ऐसा माहौल जरूरी है, जिसमें विद्यार्थी अपनी परेशानी और पढ़ाई से जुड़ी कठिनाइयों को खुलकर बता सकें.
सहायक निदेशक रंजय सिंह ने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी परीक्षा की तैयारी सिर्फ परीक्षा के समय नहीं होती, बल्कि उसकी नींव रोज की पढ़ाई और दिनचर्या से तैयार होती है. उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़े हुए विषय की नियमित दोहराई करने, अधूरे काम को समय पर पूरा करने और किसी विषय में परेशानी होने पर शिक्षक से सवाल पूछने की सलाह दी.
उन्होंने दैनिक पढ़ाई की योजना बनाने और कठिन विषयों के लिए अलग से समय तय करने को कहा. विद्यार्थियों को अध्ययन डायरी रखने की सलाह भी दी गई, जिसमें पढ़े गए विषय, हल किए गए सवाल और बाकी बचे संदेह दर्ज किए जा सकते हैं. इसके साथ ही मोबाइल के अनावश्यक इस्तेमाल को सीमित करने, पर्याप्त नींद लेने और खेलकूद व शारीरिक गतिविधियों के लिए समय निकालने पर भी जोर दिया गया.
आरएंडडी प्रमुख आनंद वत्स ने कहा कि विज्ञान और गणित जैसे विषयों में सिर्फ सूत्र या उत्तर याद करना पर्याप्त नहीं है. विद्यार्थियों को यह समझने की कोशिश करनी चाहिए कि कोई सूत्र क्यों काम करता है और उसका इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया जाता है.
उन्होंने एनसीईआरटी और निर्धारित पाठ्यपुस्तकों को अच्छी तरह पढ़ने, सवालों को खुद हल करने और अपनी गलतियों का विश्लेषण करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि टेस्ट के बाद केवल अंक देखने के बजाय यह समझना जरूरी है कि गलती अवधारणा, गणना या सवाल को ठीक से नहीं समझने की वजह से हुई.
अकादमिक प्रमुख गौरव सिंह ने कहा कि प्री-फाउंडेशन का उद्देश्य विद्यार्थियों पर पढ़ाई का अतिरिक्त बोझ डालना नहीं, बल्कि आगे की पढ़ाई के लिए उनकी बुनियाद मजबूत करना है. कक्षा 9वीं और 10वीं के पाठ्यक्रम पर अच्छी पकड़ आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद करती है.
उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से कक्षा में शामिल होने, लिखित अभ्यास करने, अध्यायवार दोहराई करने और समयबद्ध टेस्ट देने की सलाह दी. करियर के चयन को लेकर उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए. किसी तरह की उलझन होने पर शिक्षकों से मार्गदर्शन लेना भी जरूरी है.
PMCH के मेडिकल विद्यार्थियों ने साझा किया तैयारी का अनुभव
कार्यक्रम में PMCH में अध्ययनरत GOAL से चयनित मेडिकल विद्यार्थियों Ashish और Anshu ने भी विद्यार्थियों से बातचीत की. उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दौरान हर दिन एक जैसा नहीं होता. कई बार विषय कठिन लगते हैं और अपेक्षा के अनुसार अंक भी नहीं आते. ऐसे समय में अपनी गलतियों को समझकर दोबारा प्रयास करना और जरूरत पड़ने पर शिक्षकों से मदद लेना जरूरी है.
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को लक्ष्य तय करने, पढ़ाई की नियमित आदत बनाने और अपनी कमजोरियों पर लगातार काम करने के लिए प्रेरित किया गया.





