Bihar Education News: बिहार में स्नातक की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य के विश्वविद्यालयों में अब चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के साथ अंडर ग्रेजुएट अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (UAEDP) लागू किया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ किसी उद्योग, कंपनी या संस्थान में अप्रेंटिसशिप करने का अवसर मिलेगा। अप्रेंटिसशिप के दौरान छात्रों को हर महीने 12,300 रुपये का स्टाइपेंड भी दिया जाएगा।
राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि उच्च शिक्षा को सीधे रोजगार से जोड़ने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। अगले शैक्षणिक सत्र से सभी विश्वविद्यालयों में इस कार्यक्रम को लागू करने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल इस सत्र से चार विश्वविद्यालयों—पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय और बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में इसे लागू करने पर सहमति बन चुकी है।
शुक्रवार को राज्यपाल की अध्यक्षता में आयोजित उच्च शिक्षा समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल छात्रों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगी।
इस कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राएं स्नातक की पढ़ाई के साथ अपने मुख्य विषय में विशेषज्ञता हासिल करेंगे। पढ़ाई के दौरान उन्हें किसी उद्योग या संस्थान में अप्रेंटिसशिप करनी होगी। अप्रेंटिसशिप का मूल्यांकन भी होगा और इसके अंक अंतिम डिग्री में शामिल किए जाएंगे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 पर आधारित इस चार वर्षीय पाठ्यक्रम में 75 प्रतिशत हिस्सा पारंपरिक अकादमिक अध्ययन का होगा, जबकि 25 प्रतिशत हिस्सा इंडस्ट्री आधारित अप्रेंटिसशिप को समर्पित रहेगा। कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि तीसरे वर्ष में अप्रेंटिसशिप अनिवार्य होगी, जिससे छात्रों को वास्तविक कार्यस्थल पर काम करने का अनुभव मिलेगा।
इस पाठ्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को कुल डिग्री अवधि के दौरान एक से चार सेमेस्टर (लगभग एक से दो वर्ष) तक किसी कंपनी, उद्योग या संस्थान में अप्रेंटिसशिप करनी होगी। इस दौरान उन्हें हर महीने 12,300 रुपये का स्टाइपेंड भी मिलेगा।
सरकार का मानना है कि यह कार्यक्रम उद्योगों की जरूरतों और उच्च शिक्षा के बीच की दूरी को कम करेगा। इससे छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ेगी, उद्योगों को कुशल मानव संसाधन मिलेगा और विश्वविद्यालयों तथा कॉर्पोरेट सेक्टर के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम का उद्देश्य छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगारोन्मुख कौशल, व्यावहारिक प्रशिक्षण और वास्तविक कार्य अनुभव प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाना है। पढ़ाई के साथ कमाई, इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत है।




