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बिहार में उद्योग लगाने की राह हुई आसान: अब 30 दिनों में मिलेगी मंजूरी, डीम्ड क्लीयरेंस का नया नियम लागू

Bihar News: बिहार सरकार ने औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब नए उद्योगों को सभी जरूरी मंजूरियां 30 दिनों के भीतर मिलेंगी, और तय समय में निर्णय न होने पर ‘डीम्ड क्लीयरेंस’ के तहत स्वतः मंजूरी मानी जाएगी।

Bihar Industrial Policy
बिहार सरकार का बड़ा फैसला
© File
Mukesh Srivastava
4 मिनट

Bihar News: बिहार को तेजी से औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम, 2016’ के तहत एक नया और अहम नियम पारित किया गया है।


30 दिन में सभी मंजूरी अनिवार्य

नए नियम के अनुसार अब बिहार में नया उद्योग या फैक्ट्री लगाने के लिए निवेशकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। सभी जरूरी अनुमतियां अधिकतम 30 दिनों के भीतर देनी होंगी। यदि तय समय सीमा के भीतर संबंधित विभाग कोई निर्णय नहीं लेता है, तो निवेशकों को स्वतः ‘डीम्ड क्लीयरेंस’ यानी स्वचालित मंजूरी मिल जाएगी।


SIPB बनेगा एकल नोडल एजेंसी

इस नई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (SIPB) सचिवालय को पूरी तरह सशक्त कर एक ‘सिंगल नोडल एजेंसी’ बनाया गया है। सरकार ने इसे व्यापक प्रशासनिक और कानूनी अधिकार भी प्रदान किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य निवेशकों को लालफीताशाही और अनावश्यक देरी से पूरी तरह मुक्त करना है।


एक ही मंच पर होगा सभी काम

नई व्यवस्था के तहत विभिन्न तकनीकी और नियामक विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को सीधे SIPB सचिवालय में तैनात किया जाएगा। ये अधिकारी औद्योगिक विकास आयुक्त के नियंत्रण में काम करेंगे। इससे निवेश से जुड़ी फाइलों और लाइसेंसों का निपटारा एक ही मंच पर तेजी से किया जा सकेगा।


30 दिन की समय-सीमा 

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि 30 दिनों की समय-सीमा केवल प्रशासनिक निर्देश नहीं बल्कि कानूनी रूप से बाध्यकारी होगी। यदि कोई विभाग तय समय में मंजूरी देने में विफल रहता है, तो SIPB सचिवालय द्वारा ‘डीम्ड क्लीयरेंस’ जारी कर दिया जाएगा, जिसे संबंधित विभाग को मानना अनिवार्य होगा। इसके अलावा सभी अनुमतियों के लिए एक पारदर्शी और एकीकृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की जाएगी, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।


बिहार बनेगा निवेश का प्रमुख केंद्र

सरकार का लक्ष्य बिहार को देश-विदेश के निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक ‘इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन’ बनाना है। इस फैसले को राज्य के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा, "सिर्फ 30 दिनों में उद्योग स्थापना की मंजूरी- बिहार में निवेश को नई रफ्तार! औद्योगिक प्रगति की दिशा में बिहार ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अब राज्य में नए उद्योगों की स्थापना के लिए आवश्यक स्वीकृतियाँ मात्र 30 दिनों के भीतर प्रदान की जाएंगी। निवेशकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से सिंगल विंडो प्रणाली की दिशा में बढ़ते हुए राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (SIPB) सचिवालय को एकल नोडल एजेंसी के रूप में अधिकृत किया गया है। इस व्यवस्था से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और अनुमोदन प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी एवं समयबद्ध होगी। यह निर्णय न केवल निवेश को बढ़ावा देगा, बल्कि नए उद्योगों की स्थापना, रोजगार सृजन और बिहार की आर्थिक प्रगति को भी नई गति प्रदान करेगा। निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसरों के साथ बिहार विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है"।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता