ब्रेकिंग
कमरे में फंदे से लटका मिला पति-पत्नी का शव, बेटी ने बड़े भाई पर लगाया हत्या का आरोपचिनी मिल जमीन फर्जीवाड़ा मामले में एक्शन, राजस्व कर्मचारी सस्पेंड; डीएम ने दिए जांच के आदेशबिहार के बैंक में 3.80 करोड़ का फ्रॉड, दो बैंक मैनेजर समेत 28 लोगों के खिलाफ केस दर्जमैरिज एनिवर्सरी के आठ दिन बाद चौथी मंजिल से गिरकर युवक की संदिग्ध मौत, दो शादियों की कहानी आई सामनेBihar News : PMCH के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. एनपी सिंह की मुश्किलें बढ़ीं,बॉडीगार्ड के बयान ने बदली कहानी कमरे में फंदे से लटका मिला पति-पत्नी का शव, बेटी ने बड़े भाई पर लगाया हत्या का आरोपचिनी मिल जमीन फर्जीवाड़ा मामले में एक्शन, राजस्व कर्मचारी सस्पेंड; डीएम ने दिए जांच के आदेशबिहार के बैंक में 3.80 करोड़ का फ्रॉड, दो बैंक मैनेजर समेत 28 लोगों के खिलाफ केस दर्जमैरिज एनिवर्सरी के आठ दिन बाद चौथी मंजिल से गिरकर युवक की संदिग्ध मौत, दो शादियों की कहानी आई सामनेBihar News : PMCH के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. एनपी सिंह की मुश्किलें बढ़ीं,बॉडीगार्ड के बयान ने बदली कहानी

जानबूझकर Tax चोरी करने वाले को हो सकती है 7 साल की कैद, जानिए Income Tax का पूरा रूल

DESK : जानबूझकर Tax चोरी करने वाले सावधान हो जाएं. टैक्स चोरी एक बहुत बड़ा क्राइम है. आयकर विभाग के नियमों के अनुसार टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ कठोर सजा का प्रावधान है.&nb

FirstBihar
Anamika
2 मिनट

DESK : जानबूझकर Tax चोरी करने वाले सावधान हो जाएं. टैक्स चोरी एक बहुत बड़ा क्राइम है. आयकर विभाग के नियमों के अनुसार टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ कठोर सजा का प्रावधान है. 

कोई भी शख्स टैक्स, जुर्माने या ब्याज को कम करने या गिरवी रखने या अपनी आय को रिपोर्ट करने में किसी भी तरीके से धोखाधड़ी का प्रयास करता है, तो उसे 3 महीने से लेकर 7 साल तक की जेल हो सकती है. इसके अलावे कड़ा जुर्माना भी भरना पड़ेगा.

आयकर विभाग की धारा 276 (C) के तहत अगर कोई शख्स 25 लाख रुपये से ज्यादा का टैक्स छुपाने की कोशिश करता है, तो उसे सजा के तौर पर न्यूनतम 6 महीने की जेल हो सकती है औऱ अधिकतम 6 महीने तक की जेल हो सकती है. वहीं Section 276C (2) के तहत अगर छुपाया गया टैक्स 25 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होता है तो करदाता को न्यूनतम 3 महीने की जेल हो सकती है, तो अधिकतम 2 साल तक की हो सकती है. लेकिन इसके शर्त यह है कि इस धारा के अंतर्गत  तभी मामला दर्ज कराया जा सकता है, जब आपने जानबूझकर टैक्स छुपाया हो.