ब्रेकिंग
होम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली होम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली

वफादार कुत्ते के लिए मालिक ने सजाई अर्थी, अनोखे तरीके से निकली 'ब्राउनी' की अंतिम यात्रा

PURNIYA : पूर्णिया जिले से एक अनोखी तस्वीर सामने आ रही है जहां एक परिवार ने अपने कुत्ते की मौत होने के बाद हिंदू रीति रिवाज से उसके अंतिम विदाई कर पशु प्रेम की अनूठी मिसाल पे

वफादार कुत्ते के लिए मालिक ने सजाई अर्थी, अनोखे तरीके से निकली 'ब्राउनी' की अंतिम यात्रा
First Bihar
2 मिनट

PURNIYA : पूर्णिया जिले से एक अनोखी तस्वीर सामने आ रही है जहां एक परिवार ने अपने कुत्ते की मौत होने के बाद  हिंदू रीति रिवाज से उसके अंतिम विदाई कर पशु प्रेम की अनूठी मिसाल पेश की है.  बता दें कि केनगर प्रखंड के कुंवारा पंचायत के रामनगर में समर शैल नेशनल पार्क के संस्थापक हिमकर मिश्रा ने फार्म व ड्यूटी के संरक्षक के लिए अनेक किस्म के कुत्ते पाल रखे हैं इसमें से एक ब्राउनी नाम का कुत्ता था जो लगभग पिछले 15 सालों से उनके पास था लेकिन उसकी मौत के बाद परिवार ने अंतिम यात्रा निकाली.


इतना ही नहीं हिमकर मिश्रा ने बताया कि जिस जगह ब्राउनी को दफनाया गया है उस जगह उसकी याद में ब्राउनी स्मृति स्मारक बनाया जाएगा. उन्होंने बताया कि ब्राउनी सिर्फ कुत्ता नहीं बल्कि फार्म का रक्षक भी था. वह हम सभी की जिंदगी का एक हिस्सा था, जिसने पूरी वफादारी और इमानदारी से फार्म की रक्षा की और कभी किसी से कोई शिकायत नहीं की. 


ब्राउनी स्मारक स्थल को रंग बिरंगे फूलों से सजाकर ब्राउनी पार्क का नाम दिया जाएगा, जिसकी कवायद महज 8 दिनों के अंदर ही कर दी जाएगी. जो लोग आएंगे उन्हें स्मारक को दिखाने के साथ-साथ ब्राउनी के किस्से को भी सुनाया जाएगा. हिमकर मिश्रा ने बताया कि ब्राउनी उनके घर के सदस्य जैसा था. 15 साल पहले पुणे में कुत्ते का छोटा बच्चा खरीदकर भोपाल में रखा गया था. वह इंडियन शीप ब्रीड का डॉग था. आज उसकी मौत से पूरा परिवार मायूस है. 

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

First Bihar

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें