ब्रेकिंग
तीन महीने से नहीं मिला वेतन, अचानक सदर अस्पताल के सुरक्षा गार्डों ने छोड़ी ड्यूटी; आश्वासन के बाद काम पर लौटेPatna PhD Protest : 19 दिन से अनशन, अब लोकभवन की ओर कूच! बैरिकेडिंग पर चढ़े PhD होल्डर्स,MLC चुनाव में बिगाड़ेंगे खेल बिहार में प्रमोशन घोटाला ! जांच में धरा गए DEO और RDDE, शिक्षा विभाग के दोनों अफसरों की प्रोन्नति रद्द, जानें पूरा मामला... बिहार में उफान पर नदियां: पटना से भागलपुर तक गंगा का जलस्तर बढ़ा, कई जिलों पर खतरा मंडराया; अलर्ट मोड में सरकारबिहार में 2030 तक 13 एयरपोर्ट से उड़ानें, दिल्ली-मुंबई के लिए सीधी फ्लाइट; इन शहरों को मिलेगी कनेक्टिविटीतीन महीने से नहीं मिला वेतन, अचानक सदर अस्पताल के सुरक्षा गार्डों ने छोड़ी ड्यूटी; आश्वासन के बाद काम पर लौटेPatna PhD Protest : 19 दिन से अनशन, अब लोकभवन की ओर कूच! बैरिकेडिंग पर चढ़े PhD होल्डर्स,MLC चुनाव में बिगाड़ेंगे खेल बिहार में प्रमोशन घोटाला ! जांच में धरा गए DEO और RDDE, शिक्षा विभाग के दोनों अफसरों की प्रोन्नति रद्द, जानें पूरा मामला... बिहार में उफान पर नदियां: पटना से भागलपुर तक गंगा का जलस्तर बढ़ा, कई जिलों पर खतरा मंडराया; अलर्ट मोड में सरकारबिहार में 2030 तक 13 एयरपोर्ट से उड़ानें, दिल्ली-मुंबई के लिए सीधी फ्लाइट; इन शहरों को मिलेगी कनेक्टिविटी

BIHAR NEWS : इस दिन से चालु हो सकता है विक्रमशिला सेतु! 29 अगस्त से हटेंगे बेली ब्रिज, 99 करोड़ से होगा स्थायी निर्माण; जानें कब तक खुलेगा रास्ता

विक्रमशिला सेतु को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। 29 अगस्त से चार जगहों पर बने बेली ब्रिज हटाए जाएंगे। इसके बाद करीब 99 करोड़ रुपये की लागत से स्थायी स्टील ब्रिज का निर्माण होगा। 30 नवंबर तक सेतु को फिर से खोलने का लक्ष्य है।

BIHAR NEWS : इस दिन से चालु हो सकता है विक्रमशिला सेतु! 29 अगस्त से हटेंगे बेली ब्रिज, 99 करोड़ से होगा स्थायी निर्माण; जानें कब तक खुलेगा रास्ता
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

भागलपुर: बिहार के भागलपुर और नवगछिया के बीच लाइफलाइन माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्सों के स्थायी पुनर्स्थापन की तैयारी अब तेज हो गई है। मौजूदा बेली ब्रिज को हटाकर उनकी जगह स्थायी स्टील ब्रिज बनाने की प्रक्रिया 29 अगस्त से शुरू होने जा रही है। इसके लिए बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (BRO) की पूरी लॉन्चिंग टीम 26 अगस्त तक भागलपुर पहुंच जाएगी।

विक्रमशिला सेतु पर फिलहाल चार स्थानों पर बेली ब्रिज के जरिए आवागमन कराया जा रहा है। इन अस्थायी संरचनाओं को हटाने में करीब पांच से छह दिन लगने की संभावना है। बेली ब्रिज हटाए जाने के बाद सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्सों के स्थायी पुनर्स्थापन का काम शुरू होगा। ऐसे में 29 अगस्त से इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन प्रभावित होने की पूरी संभावना है।

26 अगस्त तक भागलपुर पहुंचेगी BRO की टीम

बीआरओ के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर विपिन कुमार चंद के अनुसार, सेतु की मेंटेनेंस टीम पहले से भागलपुर में मौजूद है। अब बेली ब्रिज हटाने के लिए बीआरओ की पूरी लॉन्चिंग टीम को भी भागलपुर भेजा जा रहा है। टीम के 26 अगस्त तक यहां पहुंचने की उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि टीम के सदस्यों के टिकट को लेकर प्रक्रिया चल रही है। सरकार की ओर से बेली ब्रिज हटाने और आगे की कार्रवाई के संबंध में बीआरओ को विधिवत सूचना दी जा चुकी है। इसलिए निर्धारित समय पर काम शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

बेली ब्रिज हटेंगे, उनकी जगह बनेगा स्टील ब्रिज

विक्रमशिला सेतु की स्थायी मरम्मत की योजना के तहत जिन स्थानों पर फिलहाल बेली ब्रिज लगाए गए हैं, वहां अब स्थायी स्टील ब्रिज तैयार किए जाएंगे। इसके बाद इन स्टील ब्रिज पर नए डेक स्लैब फिक्स किए जाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्सों को मजबूत कर लंबे समय के लिए सुरक्षित बनाना है।

स्थायी पुनर्स्थापन के लिए निर्माण सामग्री की आपूर्ति भी शुरू हो चुकी है। हरियाणा के पंचकूला और मेरठ से स्टील गर्डर और कंक्रीट के डेक स्लैब स्ट्रक्चर बीम भागलपुर पहुंचने लगे हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि अगले दो-तीन दिनों में आवश्यक स्टील गर्डर और डेक स्लैब स्ट्रक्चर बीम की आपूर्ति पूरी हो जाएगी।

करीब 99 करोड़ रुपये की लागत से होगा काम

सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्सों के स्थायी पुनर्स्थापन का काम एसपी सिंगला एजेंसी को करना है। इस पूरे पुनर्स्थापन कार्य पर करीब 99 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रशासन और निर्माण एजेंसी की कोशिश है कि काम शुरू होने के बाद निर्माण सामग्री और मशीनरी की कमी के कारण किसी तरह की रुकावट न आए।इसी वजह से सेतु बंद होने से पहले ही जरूरी निर्माण सामग्री को साइट तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि बेली ब्रिज हटने के तुरंत बाद स्थायी निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सके।

30 नवंबर तक सेतु खोलने का लक्ष्य

मुख्यालय की ओर से विक्रमशिला सेतु के स्थायी पुनर्स्थापन के लिए समयसीमा तय की गई है। लक्ष्य है कि 30 नवंबर तक मरम्मत और पुनर्स्थापन का काम पूरा कर सेतु को फिर से आवागमन के लिए खोल दिया जाए।यानी 29 अगस्त से शुरू होने वाली प्रक्रिया के बाद करीब तीन महीने के भीतर सेतु को स्थायी रूप से दुरुस्त करने की चुनौती निर्माण एजेंसी और संबंधित विभागों के सामने होगी। अधिकारियों का दावा है कि काम निर्धारित समय पर शुरू किया जाएगा और इसे पूरा करने में किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होने दी जाएगी।

भागलपुर-नवगछिया के लोगों की बढ़ेगी परेशानी

विक्रमशिला सेतु भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन का बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग, यात्री और मालवाहक वाहन इस पुल से गुजरते हैं। ऐसे में सेतु पर काम शुरू होने और बेली ब्रिज हटाए जाने के दौरान वैकल्पिक मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है।

सेतु के बंद रहने की स्थिति में भागलपुर-नवगछिया के बीच वाहनों और आम लोगों के आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाए रखना जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। ट्रैफिक डायवर्जन, भारी वाहनों के परिचालन और यात्रियों की सुविधा को लेकर प्रशासन को विशेष तैयारी करनी होगी।

हालांकि, अस्थायी परेशानी के बाद सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्सों का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है। अगर काम तय समय के मुताबिक पूरा होता है, तो 30 नवंबर के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन पहले से अधिक सुगम और सुरक्षित हो सकता है।फिलहाल सबसे अहम तारीख 29 अगस्त है, जब बेली ब्रिज हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके साथ ही विक्रमशिला सेतु के स्थायी पुनर्स्थापन की दिशा में लंबे समय से चल रही कवायद जमीन पर बड़े निर्माण कार्य में बदल जाएगी।