VAISHALI: बिहार के वैशाली जिले में एक हृदयविदारक हादसा सामने आया है, जहां चांदपुरा थाना क्षेत्र के जहांगीरपुर गांव में एक कुएं में डूबने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। यह दर्दनाक घटना उस समय हुई जब एक बच्चा अचानक खेलते-खेलते पुराने कुएं में गिर गया। बच्चे को बचाने की कोशिश में परिवार के सदस्य एक-एक कर कुएं में उतरते गए, लेकिन कोई भी जीवित बाहर नहीं निकल सका।
मृतकों की पहचान 60 वर्षीय बिंदेश्वर राय, उनके 30 वर्षीय भतीजे विकास राय और 25 वर्षीय शैलेन्द्र राय के बेटे के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत तब हुई जब शैलेन्द्र राय का छोटा बेटा खेलते समय अनजाने में कुएं में जा गिरा। यह देख सबसे पहले बुजुर्ग बिंदेश्वर राय उसे बचाने के लिए कुएं में उतर गए। जब वह काफी देर तक बाहर नहीं आए, तो उनके भतीजे विकास भी उन्हें निकालने नीचे उतर गया लेकिन दुर्भाग्यवश वह भी नहीं लौट सका।
इसके बाद तीसरे सदस्य के तौर पर शैलेन्द्र राय का बेटा, जो बच्चे का बड़ा भाई था, वह भी अपनी तरफ से मदद करने की मंशा से कुएं में कूद पड़ा। लेकिन बचाव की यह कोशिश खुद एक बड़ा हादसा बन गई और कुएं में एक-एक कर डूबने से तीनों की मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। चांदपुरा थाना प्रभारी समेत पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचा और शवों को बाहर निकालने की कार्रवाई में जुट गया। कुएं की गहराई अधिक होने और अंदर की स्थिति कठिन होने के कारण बचाव कार्य में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। एक ही परिवार के तीन लोगों की एक साथ मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस कुएं में यह हादसा हुआ, वह काफी पुराना और असुरक्षित था। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे खुले कुओं को ढकने या बंद करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं रोकी जा सकें।
स्थानीय प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क किया गया है और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही गई है। यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए, बल्कि पूरे गांव के लिए एक गहरी क्षति है, जो यह सोचने को मजबूर करती है कि बचाव की कोशिश कभी-कभी खुद एक जानलेवा जोखिम बन सकती है।








