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BIHAR NEWS : जिसने वादा किया था उससे न पूछिए, बेटे को MLC का टिकट नहीं मिलने से नाराज उपेंद्र कुशवाहा दिल्ली रवाना

MLC टिकट की उम्मीद टूटने के बाद उपेंद्र कुशवाहा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा- "जिसने वादा किया था, उससे पूछिए।" क्या NDA में सब कुछ ठीक है?

BIHAR NEWS : जिसने वादा किया था उससे न पूछिए, बेटे को MLC का टिकट नहीं मिलने से नाराज उपेंद्र कुशवाहा दिल्ली रवाना
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

BIHAR NEWS : बिहार की राजनीति में विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर हलचल तेज है। एनडीए की ओर से उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। इसकी वजह उनके बेटे और बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को एमएलसी का टिकट नहीं मिलना है। 


दरअसल, बिहार विधान परिषद की रिक्त सीटों पर चुनाव की घोषणा के बाद राजनीतिक गलियारों में यह माना जा रहा था कि एनडीए कोटे से एक सीट उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को मिल सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का भी मानना था कि दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजा जा सकता है, क्योंकि वे वर्तमान में बिहार सरकार में मंत्री हैं लेकिन किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं।

संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार मंत्री बने रहने के लिए निर्धारित समय के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना आवश्यक होता है। ऐसे में एमएलसी चुनाव को दीपक प्रकाश के लिए सबसे उपयुक्त अवसर माना जा रहा था। लेकिन जब एनडीए ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की तो उसमें दीपक प्रकाश का नाम शामिल नहीं था।'


पुराने वादे की याद दिला रहा राजनीतिक घटनाक्रम

राजनीतिक गलियारों में चर्चा इस बात की भी है कि विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए के भीतर सीट बंटवारे को लेकर हुई बातचीत के दौरान भारतीय जनता पार्टी की ओर से उपेंद्र कुशवाहा को एक एमएलसी सीट देने का आश्वासन दिया गया था।

बताया जाता है कि उस समय भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने सार्वजनिक रूप से यह कहा था कि भाजपा अपने कोटे से उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को विधान परिषद की एक सीट देगी। इसी आधार पर यह उम्मीद जताई जा रही थी कि इस बार एमएलसी चुनाव में कुशवाहा खेमे को प्रतिनिधित्व मिलेगा। हालांकि उम्मीदवारों की अंतिम सूची में ऐसा नहीं हुआ और एनडीए ने अपने सभी उम्मीदवार घोषित कर दिए। इसके बाद राजनीतिक अटकलों का दौर शुरू हो गया कि क्या उपेंद्र कुशवाहा इस फैसले से नाराज हैं।


सवाल पर कुशवाहा का तीखा जवाब

पटना में पत्रकारों ने जब उपेंद्र कुशवाहा से पूछा कि एमएलसी सीट को लेकर किए गए वादे का क्या हुआ, तो उन्होंने सीधे तौर पर भाजपा का नाम लिए बिना कहा, "आप पूछ रहे हैं कि वादे का क्या हुआ, तो जिसने वादा किया था उससे पूछिए।" उनका यह बयान सामने आते ही बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई। राजनीतिक जानकार इसे एनडीए नेतृत्व के प्रति नाराजगी का संकेत मान रहे हैं, हालांकि कुशवाहा ने खुलकर किसी प्रकार की असहमति जाहिर नहीं की।


नाराजगी के सवाल को किया खारिज

पत्रकारों ने जब उनसे यह पूछा कि क्या वे टिकट नहीं मिलने से नाराज हैं, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि "कोई नाराजगी नहीं है।" इसके बाद उपेंद्र कुशवाहा दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उनके दिल्ली दौरे को लेकर भी राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि उनकी पार्टी की ओर से इसे सामान्य राजनीतिक कार्यक्रम बताया जा रहा है।


एनडीए में बढ़ सकती है असहजता

दीपक प्रकाश को एमएलसी टिकट नहीं मिलने और उपेंद्र कुशवाहा के बयान के बाद एनडीए के भीतर समन्वय को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि गठबंधन के नेताओं की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सहयोगी दलों की अपेक्षाओं और सीटों के बंटवारे का मुद्दा आगे भी चर्चा में रह सकता है। 


फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि दीपक प्रकाश के लिए आगे क्या राजनीतिक रास्ता निकाला जाता है और भाजपा इस पूरे घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाती है।बिहार की राजनीति में फिलहाल एक सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में है—क्या एमएलसी सीट को लेकर किया गया वादा अधूरा रह गया, या आने वाले दिनों में इसकी कोई नई राजनीतिक भरपाई देखने को मिलेगी?