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बिहार का ये पुल बन जाएगा इतिहास! ध्वस्त हो रहा है ब्रिटिश काल का जुबली वेल रेलवे ब्रिज

बिहार का ऐतिहासिक जुबली वेल रेलवे पुल अब इतिहास बन गया है। सोमवार देर रात से इसे हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 1853 में बने इस पुल को 2016 से हटाने की योजना थी। इसकी जगह एक नया ब्रिज बनाया गया है।

बिहार का ये पुल बन जाएगा इतिहास! ध्वस्त हो रहा है ब्रिटिश काल का जुबली वेल रेलवे ब्रिज
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बिहार के मुंगेर जिले के जमालपुर में अंग्रेजों के जमाने में बना ऐतिहासिक जुबली वेल रेलवे पुल अब इतिहास बन जाएगा। सोमवार की देर रात से इस पुल को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसे चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है, जिसमें मेगा ब्लॉक लेकर सुपर स्ट्रक्चर को हटाने का काम किया जा रहा है। हालांकि इस तोड़फोड़ से न तो ट्रेन परिचालन प्रभावित होगा और न ही आम लोगों की आवाजाही पर कोई असर पड़ेगा।


जुबली वेल रेलवे ओवर ब्रिज संख्या 215 का निर्माण अंग्रेजों के जमाने में ईस्ट इंडिया कंपनी ने करवाया था। रेलवे इंजीनियरिंग विभाग के अनुसार इस पुल का निर्माण वर्ष 1853 के आसपास हुआ था। उस समय लोहे के पुल बनाने का चलन शुरू हो गया था। रेलवे के नियमों के अनुसार 100 साल पूरे कर चुके पुल सुरक्षित नहीं माने जाते हैं और यह पुल 150 साल से भी ज्यादा पुराना था। 2


रेलवे विभाग ने 2016 में इस पुल को हटाने की योजना पर काम करना शुरू किया था। इसी बीच पुराने पुल के समानांतर एक नया पुल भी बनाया गया, जिसकी खासियत यह है कि इसमें कोई पिलर नहीं है। इससे रेलवे ट्रैक और पुल की मजबूती बनी रहेगी।


सोमवार रात 11:15 बजे से 1:15 बजे तक मेगा ब्लॉक लिया गया, ताकि पुल के सुपर स्ट्रक्चर को हटाया जा सके। अगले कुछ दिनों तक रात में मेगा ब्लॉक लेकर ध्वस्तीकरण जारी रहेगा।


सूत्रों के अनुसार पुल को हटाने के लिए एक निजी एजेंसी से 300 टन क्षमता वाली क्रेन मंगवाई गई है। इसकी मदद से पुल के बड़े गर्डर को हटाया जाएगा। फिलहाल गैस कटर से पुल के अलग-अलग हिस्सों को काटकर हटाने का काम किया जा रहा है।