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Bihar News: भरत तिवारी के समर्थन में बोले थे 'नौकरी छोड़ दूंगा', अब सिपाही आशीष तिवारी की जाएगी नौकरी? पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में महापंचायत के दौरान बयान देने वाले बिहार पुलिस के सिपाही आशीष तिवारी पर कार्रवाई शुरू हो गई है। पुलिस मुख्यालय ने बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू की है।

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Tejpratap
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Bihar News : बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब पुलिस विभाग ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। भरत तिवारी के समर्थन में आयोजित महापंचायत में भाषण देकर चर्चा में आए पुलिसकर्मी आशीष तिवारी की नौकरी पर संकट मंडरा रहा है। पुलिस मुख्यालय ने उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है और बर्खास्तगी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।


आशीष तिवारी उस समय सुर्खियों में आए थे, जब भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में आयोजित महापंचायत के दौरान उन्होंने मंच से कहा था कि अगर भरत तिवारी के परिवार को जल्द न्याय नहीं मिला तो वह पुलिस की नौकरी छोड़ देंगे और बड़ा आंदोलन करेंगे। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद पुलिस मुख्यालय ने मामले का संज्ञान लिया।


पुलिस मुख्यालय ने पुराने मामले का दिया हवाला

बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, आशीष तिवारी बिहार पुलिस में पैंथर सिपाही के पद पर तैनात हैं। वह भोजपुर जिले के बिलौटी गांव के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक, उनके खिलाफ पहले से ही गंभीर आरोपों में मामला दर्ज है।


अगस्त 2024 में पूर्वी चंपारण जिले के पिपराकोठी थाने में आशीष तिवारी पर अपने ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने, पिस्टल तानने और सरकारी हथियार से फायरिंग करने का आरोप लगा था। इस घटना के बाद थाने में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल रहा था।


थाने में फायरिंग और हथियार दिखाने का आरोप

एफआईआर के अनुसार, आशीष तिवारी ने कथित तौर पर तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर पिस्टल तान दी थी। इसके अलावा सड़क पर भी लोगों को हथियार दिखाकर धमकाने के आरोप लगाए गए थे। घटना के बाद उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।


इस मामले में आशीष तिवारी को पटना हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिली हुई है। हालांकि पुलिस विभाग का कहना है कि इस मामले को देखते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है।


खुद को बताया था भरत तिवारी का भाई

भरत तिवारी एनकाउंटर के खिलाफ हुई महापंचायत में आशीष तिवारी ने खुद को भरत तिवारी का भाई बताया था। हालांकि भरत के परिवार की ओर से इस संबंध में कोई पारिवारिक संबंध होने से इनकार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आशीष और भरत एक ही गांव के रहने वाले हैं।


महापंचायत में दिए गए भाषण के बाद उनका वीडियो काफी वायरल हुआ और पुलिस विभाग ने उनके बयान को अनुशासनहीनता से जोड़ते हुए जांच शुरू कर दी।


विभागीय कार्रवाई के बाद जा सकती है नौकरी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद आशीष तिवारी को सेवा से हटाया जा सकता है। पुलिस विभाग का मानना है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी द्वारा सार्वजनिक मंच से विभाग के खिलाफ बयान देना और पहले से चल रहे गंभीर मामलों को देखते हुए कार्रवाई जरूरी है।


वहीं, भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच को लेकर भी लगातार राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। परिवार और स्थानीय लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इस पूरे मामले में पुलिस विभाग की कार्रवाई और जांच पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।