PATNA:बिहार बंद और छात्र आंदोलन के दौरान सीवान में हुई हिंसा और उपद्रव के बाद राज्य सरकार ने पूरे जिले में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाओं और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अस्थायी रोक लगा दी है। गृह विभाग ने शनिवार शाम इस संबंध में आदेश जारी किया।
इस हिंसा में पुलिस अधीक्षक, दो डीएसपी सहित करीब 25 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस ने उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान शुरू कर दी है और अब तक पांच दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। बिहार बंद और छात्र आंदोलन के दौरान सीवान में हुई हिंसा पर बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया है।
16 जुलाई के बाद आज पहली बार 25 जुलाई को वो सोशल मीडिया पर एक्टिव नजर आए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर ट्वीट कर दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग सरकार से की। फर्स्ट बिहार चैनेल का एक वीडियो तेजस्वी यादव ने एक्स पर करते हुए यह लिखा है कि "सिवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर सीधी फायरिंग की। AK-47 से भी फायरिंग की गई। जब 7 हत्याओं का आरोपी अपराधी मुख्यमंत्री बन जाए तब लोकतंत्र में प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर पुलिस ऐसे ही गोलियां चलाती है। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो।"
वही कॉकरोच जनता पार्टी और छात्रों की मांगों को मान लिये जाने और धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर तेजस्वी यादव ने कहा कि सच्चाई, हक, संघर्ष और न्याय की जीत! दमनकारी सरकार के झूठ, पैंतरे और अहंकार की हार! छात्र और युवा शक्ति को अनंत बधाई! बहुत से सवाल अनुत्तरित है। देश के जागरूक युवा जवाबदेही तय करवाते रहेंगे।
बता दें कि सिवान में हुई हिंसा की घटना के बाद गृह विभाग के आदेश के अनुसार, 25 जुलाई शाम 5:30 बजे से 26 जुलाई शाम 5:30 बजे तक सीवान जिले में फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, एक्स (पूर्व में ट्विटर), स्नैपचैट सहित सोशल मीडिया और इंस्टेंट मैसेजिंग सेवाओं के उपयोग पर रोक रहेगी। हालांकि, सरकारी कार्यों और बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी इंटरनेट सुविधाएं पूर्ववत जारी रहेंगी।
गृह विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि सीवान के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि कुछ असामाजिक तत्व इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहें फैलाकर जिले का माहौल खराब करने की कोशिश कर सकते हैं। इसी को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
प्रशासन के अनुसार, बिहार बंद और छात्र आंदोलन के दौरान सीवान में हुई हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ संदेश वायरल होने की आशंका थी। इसलिए एहतियात के तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ऐप्स पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है।
गौरतलब है कि शनिवार को बिहार बंद के दौरान सीवान में प्रदर्शन हिंसक हो गया था। प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर पथराव और तोड़फोड़ की, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के दौरान गोलीबारी भी हुई, जिसमें तीन छात्र घायल हो गए। सभी घायलों को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है।
इस हिंसा में पुलिस अधीक्षक, दो डीएसपी सहित करीब 25 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस ने उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान शुरू कर दी है और अब तक पांच दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
वहीं, गृह विभाग ने समीक्षा के बाद मुजफ्फरपुर और औरंगाबाद जिले में इंटरनेट एवं सोशल मीडिया पर लगाया गया प्रतिबंध समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया है। दोनों जिलों में छात्र आंदोलन के दौरान एहतियातन इंटरनेट सेवाएं बंद की गई थीं, लेकिन स्थिति सामान्य होने के बाद सेवाएं बहाल कर दी गई हैं।
सिवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर सीधी फायरिंग की। AK-47 से भी फायरिंग की गई।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) July 25, 2026
जब 7 हत्याओं का आरोपी अपराधी मुख्यमंत्री बन जाए तब लोकतंत्र में प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर पुलिस ऐसे ही गोलियां चलाती है। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। #Bihar pic.twitter.com/RB2Ftc1xeS
सच्चाई, हक, संघर्ष और न्याय की जीत!
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) July 25, 2026
दमनकारी सरकार के झूठ, पैंतरे और अहंकार की हार!
छात्र और युवा शक्ति को अनंत बधाई!
बहुत से सवाल अनुत्तरित है। देश के जागरूक युवा जवाबदेही तय करवाते रहेंगे।





