ब्रेकिंग
होम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली होम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली

Bihar vigilance action : SVU की बड़ी कार्रवाई, LEAO कार्यालय का अकाउंटेंट रिश्वत लेते गिरफ्तार; जानिए क्यों मांग रहा था पैसा

Bihar vigilance action : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान के तहत निगरानी विभाग ने खगड़िया में बड़ी कार्रवाई की है। LEAO कार्यालय के अकाउंटेंट शिशिर राय को 18 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।

Bihar vigilance action : SVU की बड़ी कार्रवाई, LEAO कार्यालय का अकाउंटेंट रिश्वत लेते गिरफ्तार; जानिए क्यों मांग रहा था पैसा
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar vigilance action : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे सख्त अभियान के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (SVU) ने शुक्रवार को खगड़िया जिले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। निगरानी की टीम ने खगड़िया स्थित LEAOकार्यालय) में कार्यरत अकाउंटेंट शिशिर राय को 18 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से जिले के सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी अकाउंटेंट शिशिर राय पर एक लाभार्थी से कार्यालयीन कार्य के निष्पादन के बदले अवैध रूप से रुपये की मांग करने का आरोप था। पीड़ित लाभार्थी ने इस संबंध में निगरानी विभाग से लिखित शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया था कि संबंधित कार्य समय पर और नियमानुसार करने के लिए अकाउंटेंट द्वारा लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था।


शिकायत की गंभीरता को देखते हुए निगरानी विभाग ने पहले पूरे मामले की गोपनीय जांच कराई। जांच के दौरान आरोप सही पाए जाने के बाद निगरानी की टीम ने जाल बिछाने का फैसला किया। पूर्व निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की राशि के साथ आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही अकाउंटेंट शिशिर राय ने 18 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की, वहां पहले से तैनात निगरानी टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।


गिरफ्तारी के तुरंत बाद निगरानी विभाग की टीम आरोपी अकाउंटेंट को लेकर LEAO कार्यालय पहुंची। यहां उससे गहन पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान टीम ने कार्यालय से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी अपने कब्जे में लिया। दस्तावेजों की जांच इस बात का पता लगाने के लिए की जा रही है कि कहीं इस भ्रष्टाचार में अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल तो नहीं हैं।


सूत्रों के मुताबिक, निगरानी विभाग इस पूरे मामले को केवल एक व्यक्ति तक सीमित मानकर नहीं चल रहा है। विभाग को आशंका है कि यह रिश्वतखोरी किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा भी हो सकती है। इसी कारण कार्यालय के अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।


इस कार्रवाई के बाद LEAO कार्यालय सहित जिले के अन्य सरकारी दफ्तरों में अफरा-तफरी का माहौल है। कई अधिकारी और कर्मचारी सतर्क हो गए हैं। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को आम लोगों ने भी सराहा है और इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत कदम बताया है।


निगरानी विभाग के अधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे अधिकारी कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और जनता से अपील की कि वे बिना डर के रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों की शिकायत करें।


गौरतलब है कि हाल के दिनों में बिहार के विभिन्न जिलों में निगरानी विभाग द्वारा कई भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। इससे यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि सरकार और प्रशासन भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए गंभीर है। खगड़िया में हुई यह कार्रवाई भी उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है।फिलहाल आरोपी अकाउंटेंट शिशिर राय को निगरानी विभाग की हिरासत में रखा गया है और उससे पूछताछ जारी है। पूछताछ पूरी होने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

Bihar vigilance action : SVU की बड़ी कार्रवाई, LEAO कार्यालय का अकाउंटेंट रिश्वत लेते गिरफ्तार; जानिए क्यों मांग रहा था पैसा

इस खबर के बारे में
Tejpratap

रिपोर्टर / लेखक

Tejpratap

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें