Bihar News: बिहार के सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज से बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आई है। कार्यों में लापरवाही, सुस्ती और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की लगातार अनदेखी करना त्रिवेणीगंज की अंचलाधिकारी (सीओ) प्रियंका सिंह को महंगा पड़ गया है। डीएम सावन कुमार ने उनके खिलाफ कड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए उन्हें अंचल के सभी कार्यों एवं प्रभारों से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया है। साथ ही उन्हें जिला मुख्यालय स्थित अपर समाहर्ता (एडीएम) कार्यालय में योगदान देने का निर्देश दिया गया है। इस संबंध में डीएम ने शुक्रवार को आधिकारिक आदेश जारी किया है।
राजस्व कार्यों की समीक्षा में खुली पोल
डीएम द्वारा जारी आदेश के अनुसार, त्रिवेणीगंज अंचल कार्यालय में राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान सीओ प्रियंका सिंह की कार्यशैली में कई स्तरों पर गंभीर लापरवाही और शिथिलता सामने आई। समीक्षा में पाया गया कि राजस्व संग्रहण, दाखिल-खारिज, अतिक्रमणवाद, लोक शिकायत निवारण और सहयोग पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के निष्पादन में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती जा रही थी। इतना ही नहीं, अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं राजस्व संबंधी कार्यों के निष्पादन में भी घोर शिथिलता पाई गई।
निर्देश के बावजूद नहीं सुधरी कार्यशैली
आदेश में इस बात का भी स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि उच्चाधिकारियों द्वारा बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद सीओ प्रियंका सिंह के कार्यों में कोई संतोषजनक सुधार नहीं हुआ। लगातार लापरवाही और कार्यों के प्रति उदासीनता को देखते हुए जिला प्रशासन ने उनके विरुद्ध यह सख्त कार्रवाई की है।
मरौना आरओ को मिली जिम्मेदारी
डीएम सावन कुमार ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक दृष्टिकोण, जनहित, अंचल कार्यालय के कार्यों का सुचारू संचालन और विभागीय अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से प्रियंका सिंह को तत्काल प्रभाव से अंचल के समस्त कार्यों एवं प्रभारों से मुक्त किया जाता है। उनके स्थान पर मरौना के राजस्व अधिकारी (आरओ) प्रेम शंकर को त्रिवेणीगंज अंचल में सीओ के पदीय दायित्वों के निर्वहन के लिए प्राधिकृत किया गया है।
संपूर्ण प्रभार सौंपने का निर्देश
डीएम ने प्रियंका सिंह को निर्देश दिया है कि वे अंचल का संपूर्ण प्रभार आरओ प्रेम शंकर को सौंपना सुनिश्चित करें, ताकि कार्यालय के दैनिक कामकाज और राजस्व संबंधी कार्यों पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़े। वहीं, बिहार कोषागार संहिता, 2011 के नियम-84 के तहत आरओ प्रेम शंकर को सीओ के वित्तीय कार्यों के निष्पादन के लिए निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (डीडीओ) की शक्तियां भी प्रदान की गई हैं। यानी अब अंचल के प्रशासनिक दायित्वों के साथ-साथ संबंधित वित्तीय कार्यों का निष्पादन भी उनके जिम्मे रहेगा।
लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने की कवायद
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को त्रिवेणीगंज अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली में सुधार लाने, राजस्व एवं जनशिकायत से जुड़े लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। डीएम की इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में भी स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी कार्यों में लापरवाही और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




