Bihar News: बिहार के सुपौल जिले में मंगलवार की सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला अपनी छोटी बेटी को गोद में लेकर सैकड़ों फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई. घटना राघोपुर थाना क्षेत्र के सिमराही दुर्गा मंदिर के पास की है. सुबह करीब 4 बजे हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ पुलिस और प्रशासन की भी चिंता बढ़ा दी.
सुबह जब आसपास के लोगों की नजर टावर की ऊंचाई पर बैठी महिला और उसकी मासूम बच्ची पर पड़ी तो इलाके में अफरा-तफरी मच गई. देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण, राहगीर और बाजार के लोग घटनास्थल पर जमा हो गए. मंदिर परिसर और टावर के आसपास लोगों की भारी भीड़ लग गई. लोगों के बीच महिला और बच्ची की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ने लगी.
टावर पर चढ़ी महिला की पहचान गुड्डी देवी के रूप में हुई है. महिला का आरोप है कि उसके पति ने दूसरी शादी कर ली है और उसे उसके बेटे के साथ घर से बाहर निकाल दिया है. गुड्डी देवी का कहना है कि वह लंबे समय से न्याय के लिए दर-दर भटक रही है, लेकिन उसकी शिकायतों पर कहीं सुनवाई नहीं हुई. इसी से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया.
महिला ने बताया कि करीब 10 साल पहले उसकी मुलाकात दिल्ली-गुरुग्राम में मजदूरी के दौरान राघोपुर के मोतीपुर निवासी अमरेंद्र ठाकुर से हुई थी. दोनों के बीच प्रेम संबंध बने और बाद में उन्होंने प्रेम विवाह कर लिया. इस शादी से उनका एक 12 वर्षीय बेटा भी है. महिला का आरोप है कि शादी के कुछ वर्षों बाद उसके पति ने उसे धोखा दिया और दूसरी शादी कर ली. इसके बाद उसे परिवार से अलग कर दिया गया.
गुड्डी देवी का कहना है कि उसने कई बार पुलिस और स्थानीय प्रशासन के सामने अपनी बात रखी. वह थाने से लेकर अधिकारियों तक पहुंची, लेकिन कहीं से उसे संतोषजनक मदद नहीं मिली. महिला का आरोप है कि उसकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके कारण वह मानसिक रूप से काफी परेशान हो गई थी.
घटना की सूचना मिलते ही राघोपुर थाना पुलिस, स्थानीय प्रशासन और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए. टावर के नीचे सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई. अधिकारियों ने महिला को समझाने और सुरक्षित नीचे उतारने के लिए लगातार प्रयास शुरू कर दिए. लाउडस्पीकर के माध्यम से उससे बातचीत की गई और उसे भरोसा दिलाने की कोशिश की गई कि उसकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई होगी.
करीब चार घंटे तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे ने पूरे सिमराही बाजार की गतिविधियों को प्रभावित कर दिया. बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर डटे रहे. स्थानीय लोगों का कहना था कि महिला की मांगों और उसकी परेशानी को गंभीरता से सुना जाना चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा सामने न आएं.
टावर पर बैठी महिला लगातार यह मांग करती रही कि जिले के डीएम और एसपी स्वयं मौके पर पहुंचें और उसे न्याय दिलाने का स्पष्ट आश्वासन दें. उसका कहना था कि जब तक उसे ठोस भरोसा नहीं मिलेगा, वह नीचे नहीं उतरेगी. इस दौरान प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती महिला और उसकी मासूम बच्ची की सुरक्षा बनी रही.





