SUPAUL:-- बिहार में शराबबंदी लागू होने के एक दशक बाद अब नशे का स्वरूप बदलता दिखाई दे रहा है। ब्लैक में मिलने वाली महंगी शराब की जगह अब युवा नशीले इंजेक्शन और अन्य मादक पदार्थों की गिरफ्त में पहुंच रहे हैं। हालांकि, इस पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई भी कर रही है। इसी कड़ी में आज 28 जून 2026 को सुपौल पुलिस ने नशीले इंजेक्शन के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा किया है।
सुपौल सदर थाना पुलिस ने नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड 2 विद्यापुरी में छापेमारी कर 4,230 एमएल (कुल 2,115 वायल) नशीले इंजेक्शन बरामद किए हैं। मौके से एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में फरार चल रहे कुख्यात तस्कर संतोष कुमार मुखिया को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से जिले के किशनपुर थाना क्षेत्र के बेलागोठ वार्ड 7 का निवासी है।
आज मामले की जानकारी देते हुए सुपौल सदर एसडीपीओ राजीव रंजन ने बताया कि सदर थानाध्यक्ष रामसेवक रावत के नेतृत्व में 27 जून 2026 की रात एनडीपीएस मामलों के फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इसी दौरान सुपौल सदर थाना कांड संख्या 320/26 के फरार अभियुक्त संतोष कुमार मुखिया के विद्यापुरी स्थित आवास पर छापेमारी की गई।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने उसके घर से बड़ी मात्रा में नशीले इंजेक्शन बरामद किए,जिनमें एनआरएक्स बुप्रेनॉर्फिन इंजेक्शन आईपी 0.3 मिलीग्राम प्रति मिलीलीटर–लीजेसिक की 1230 VIAL प्रत्येक VAIL 2 ML कुल मात्रा 2460ml और फेनिरामीन मैलियेट इंजेक्शन आईपी एविल की 885 VIAL प्रत्येक VIAL 2ml कुल मात्रा 1770ml शामिल है.
दोनों को मिलाकर कुल 4,230 एमएल, यानी 2,115 वायल नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए। इसके अलावा आरोपी के पास से वन प्लस कंपनी का एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया।एसडीपीओ ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध 5 मई 2025 को भी एनडीपीएस एक्ट के तहत एक मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वह कब से इस अवैध कारोबार में शामिल था, उसके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा नशीले इंजेक्शन की खरीद-बिक्री का पूरा नेटवर्क क्या है।उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी का पूर्व से दो आपराधिक इतिहास भी है। बरामद नशीले इंजेक्शनों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज भी खंगाले जा रहे है पुलिस मामले की गहन अनुसंधान में जुटी हुई है।





