ब्रेकिंग
‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ के प्रमोशन के लिए पटना पहुंचे सिद्धार्थ मल्होत्रा-तमन्ना भाटिया, CM सम्राट चौधरी से की मुलाकातनिजी क्लीनिक की बड़ी लापरवाही: गर्भ में मृत बच्चे को बाहर निकालने के दौरान महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामाबेतिया राज की 6 एकड़ जमीन की हेराफेरी: रजिस्टर-2 में फर्जीवाड़ा कर बना डाली फर्जी जमाबंदी, अब जांच का आदेशबिहार में बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दान किया एक महीने का वेतन, राहत कोष में दिए 2.70 लाखबोर्ड पर लिखा था मसाज पार्लर, अंदर चल रहा था गंदा खेल, पुलिस ने मारा छापा... संचालिका समेत 6 महिलाएं हिरासत में‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ के प्रमोशन के लिए पटना पहुंचे सिद्धार्थ मल्होत्रा-तमन्ना भाटिया, CM सम्राट चौधरी से की मुलाकातनिजी क्लीनिक की बड़ी लापरवाही: गर्भ में मृत बच्चे को बाहर निकालने के दौरान महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामाबेतिया राज की 6 एकड़ जमीन की हेराफेरी: रजिस्टर-2 में फर्जीवाड़ा कर बना डाली फर्जी जमाबंदी, अब जांच का आदेशबिहार में बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दान किया एक महीने का वेतन, राहत कोष में दिए 2.70 लाखबोर्ड पर लिखा था मसाज पार्लर, अंदर चल रहा था गंदा खेल, पुलिस ने मारा छापा... संचालिका समेत 6 महिलाएं हिरासत में

लॉकडाउन में टूट रही परंपराएं : दिल्ली में फंसे रह गये तीन बेटे, पत्नी ने पति का किया अंतिम संस्कार

SUPAUL : लॉकडाउन में परंपराएं टूट रही हैं। लॉकडाउन के दौरान हमारे सामने ऐसी खबरें आ रही हैं जो दिलों को झकझोर कर रख देती हैं। एक पिता के तीन बेटे लॉकडाउन में बाहर फंसे रह गये

FirstBihar
Anurag Goel
2 मिनट

SUPAUL : लॉकडाउन में परंपराएं टूट रही हैं। लॉकडाउन के दौरान हमारे सामने ऐसी खबरें आ रही हैं जो दिलों को झकझोर कर रख देती  हैं। एक पिता के तीन बेटे लॉकडाउन में बाहर फंसे रह गये। बाद में उन बेटों की मां और उस व्यक्ति की पत्नी ने अपने पति का अंतिम संस्कार किया। ये वक्त का तकाजा कहे या फिर इंसान की मजबूरी समाज बदल रहा है। 


मामला सदर प्रखंड स्थित बरूआरी वार्ड नंबर छह का है। यहां 68 साल के लखन साह की मौत सोमवार रात को हो गई। इनके तीनों बेटे संजय साह, रामचंद्र साह और चंद्रकिशोर साह दिल्ली में मजदूरी करते हैं। लॉकडाउन के कारण ये घर नहीं आ सके। गांव के लोगों ने निर्णय लिया कि भतीजे से मुखाग्नि दिलवाई जाए, लेकिन भतीजे ने इससे इन्कार कर दिया। इसके बाद लखन साह की पत्नी सुमित्रा देवी ने उन्हें मुखाग्नि दी। 


लखन साह के बड़े बेटे संजय साह ने बताया कि पिता के निधन की सूचना मिलने के बाद उन्होंने दिल्ली में कई अधिकारियों के पास फरियाद की, लेकिन कहीं से भी अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इस कारण वह घर नहीं पहुंच सके। इसके बाद उनकी मां को ही मुखाग्नि देनी पड़ी।


टैग्स