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Bihar News : घर से निकला और रहस्यमय तरीके से गायब...7 दिन बाद नदी किनारे मिली लाश, हत्या की आशंका से सनसनी

सुपौल के पिपरा थाना क्षेत्र में सात दिनों से लापता अधेड़ उपेन्द्र सादा का शव नदी किनारे जलकुंभी के बीच मिला। घास काटने गई महिलाओं ने शव देखा। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है, जबकि पुलिस पोस्टमार्टम और FSL रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

Bihar News : घर से निकला और रहस्यमय तरीके से गायब...7 दिन बाद नदी किनारे मिली लाश, हत्या की आशंका से सनसनी
Tejpratap
Tejpratap
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Bihar News : सुपौल जिले के पिपरा थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब नदी किनारे जलकुंभी के बीच एक अधेड़ व्यक्ति का शव बरामद हुआ। शव मिलने की खबर जंगल में आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई और देखते ही देखते घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। मृतक की पहचान निर्मली पंचायत के हटवारिया वार्ड नंबर-15 निवासी उपेन्द्र सादा उर्फ टीरन के रूप में हुई है। उपेन्द्र पिछले सात दिनों से रहस्यमय तरीके से लापता थे। परिजनों ने अब उनकी हत्या किए जाने की आशंका जताई है।


जानकारी के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले गांव के ही किसी व्यक्ति ने उपेन्द्र सादा को पेड़ काटने के लिए घर से बुलाया था। वह घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटे। देर तक घर नहीं पहुंचने पर परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और परिचितों से पूछताछ की गई, आसपास के इलाकों में खोजबीन की गई, लेकिन उपेन्द्र का कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार परिजनों ने पिपरा थाने में उनके लापता होने की लिखित सूचना दी।


सात दिनों तक परिवार वाले उम्मीद लगाए बैठे थे कि शायद उपेन्द्र किसी वजह से कहीं चले गए हों और जल्द वापस लौट आएंगे। लेकिन मंगलवार की सुबह जो खबर सामने आई, उसने पूरे परिवार को झकझोर दिया।बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह गांव की कुछ महिलाएं नदी किनारे घास काटने गई थीं। इसी दौरान उन्हें आसपास तेज दुर्गंध महसूस हुई। दुर्गंध का स्रोत तलाशते हुए जब महिलाएं नदी के किनारे जलकुंभी के पास पहुंचीं तो वहां का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। जलकुंभी के बीच एक शव पड़ा था। शव की हालत काफी खराब हो चुकी थी और कई दिनों तक पानी में रहने के कारण वह क्षत-विक्षत हो गया था।


महिलाओं ने तुरंत इसकी जानकारी गांव के लोगों को दी। कुछ ही देर में घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही उपेन्द्र सादा के परिजन भी मौके पर पहुंचे। कपड़ों और हुलिए के आधार पर उन्होंने शव की पहचान उपेन्द्र के रूप में की। शव की पहचान होते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे गांव में मातम पसर गया।


घटना की सूचना मिलने के बाद पिपरा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया। प्रभारी सदर एसडीपीओ गौरव गुप्ता भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस ने जलकुंभी के बीच से शव को बाहर निकलवाया और जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, सुपौल भेज दिया।एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और संभावित साक्ष्यों को जुटाया। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उपेन्द्र सादा की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उनका शव नदी किनारे जलकुंभी के बीच कैसे पहुंचा।


सबसे बड़ा सवाल यह है कि पेड़ काटने के लिए घर से निकले उपेन्द्र आखिर सात दिनों तक कहां रहे? अगर उनकी मौत दुर्घटना में हुई तो शव नदी किनारे जलकुंभी के बीच कैसे पहुंचा? वहीं, अगर परिजनों की हत्या की आशंका सही है तो इस घटना के पीछे कौन लोग हैं और उन्हें उपेन्द्र से क्या विवाद था? इन सवालों के जवाब तलाशने में पुलिस जुटी हुई है।


मृतक के परिजनों ने आशंका जताई है कि उपेन्द्र की हत्या करने के बाद शव को नदी किनारे फेंक दिया गया, ताकि घटना के सबूत छिपाए जा सकें। हालांकि, पुलिस ने अभी हत्या की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।


प्रभारी सदर एसडीपीओ गौरव गुप्ता के अनुसार, पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उपेन्द्र सादा की मौत की असली वजह क्या थी।


फिलहाल पुलिस उन परिस्थितियों की भी जांच कर रही है, जिनमें उपेन्द्र घर से निकलने के बाद लापता हुए थे। साथ ही उस व्यक्ति के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है, जिसने कथित तौर पर उन्हें पेड़ काटने के लिए घर से बुलाया था। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही इस रहस्यमयी मौत से पर्दा उठने की उम्मीद है।