ब्रेकिंग
सीतामढ़ी में जिला पार्षद पति की हत्या पर भड़के तेजस्वी यादव, निशाने पर सम्राट सरकारजेब में 50 रुपये, दिल में 5 साल का प्यार: प्रेमिका को ढूंढने UP से बिहार पहुंच गया आशिक, किराया नहीं दिया तो ऑटो वाले ने पहुंचाया धाने ‘अवसरवादी चेहरों को दी गई प्राथमिकता’, RJD MLC उम्मीदवारों के चयन पर रोहिणी आचार्य ने उठाए सवालजिला पार्षद पति की हत्या मामले एक्शन: लापरवाही बरतने वाले SHO और दारोगा पर गिरी गाज, SP ने किया सस्पेंडजिला पार्षद पति की हत्या के बाद बवाल, गुस्साए लोगों ने SP की गाड़ी में की तोड़फोड़; आधा दर्जन पुलिस वैन को किया क्षतिग्रस्तसीतामढ़ी में जिला पार्षद पति की हत्या पर भड़के तेजस्वी यादव, निशाने पर सम्राट सरकारजेब में 50 रुपये, दिल में 5 साल का प्यार: प्रेमिका को ढूंढने UP से बिहार पहुंच गया आशिक, किराया नहीं दिया तो ऑटो वाले ने पहुंचाया धाने ‘अवसरवादी चेहरों को दी गई प्राथमिकता’, RJD MLC उम्मीदवारों के चयन पर रोहिणी आचार्य ने उठाए सवालजिला पार्षद पति की हत्या मामले एक्शन: लापरवाही बरतने वाले SHO और दारोगा पर गिरी गाज, SP ने किया सस्पेंडजिला पार्षद पति की हत्या के बाद बवाल, गुस्साए लोगों ने SP की गाड़ी में की तोड़फोड़; आधा दर्जन पुलिस वैन को किया क्षतिग्रस्त

BIHAR NEWS: राजधानी के हर पार्क में बनेगा ‘गौरेया कुटीर’, इस जगह से होगी शुरूआत

Bihar News : पटना शहर के सभी पार्कों में गौरेया संरक्षित क्षेत्र ‘गौरैया कुटीर’ का निर्माण किया जाएगा।

Bihar news
Bihar news
© File photo
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

Bihar News : बिहार में गौरैया की संख्या में काफी कमी नजर आ रही है। इसी कड़ी में अब पटना शहर के सभी पार्कों में गौरेया संरक्षित क्षेत्र ‘गौरैया कुटीर’ का निर्माण किया जाएगा। इसका नाम गंगा कुटीर प्रस्तावित किया गया है।


जानकारी के मुताबिक इसकी शुरुआत पटना के एसकेपुरी पार्क से होगी। इस कुटीर का निर्माण वन एवं पर्यावरण विभाग की तरफ से कराया जाएगा। गौरेया को संरक्षित करने के लिए यह व्यापक पहल विभाग के स्तर से शुरू की गई है।


विभाग के पटना प्रमंडलीय वन संरक्षक सत्यजीत कुमार ने इस योजना की घोषणा करते हुए पूरी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि गौरेया संरक्षण पर वन विभाग जल्द ही एक्शन प्लान जारी कर रहा है, जिसे गौरैयाविद् संजय कुमार ने तैयार किया है। इस छोटी पक्षी के संरक्षण को लेकर और भी कई प्रयास किए जा रहे हैं। 


सत्यजीत कुमार ने बताया कि हमारी गौरैया और पर्यावरण वॉरियर्स (संरक्षक) की टीम लगातार अपने प्रयासों से गौरैया की वापसी करने में लगी हुई है।


इधर, शहर के हर पार्क में मिट्टी के छोटे- छोटे घर बनाए जाएंगे, जिसकी छावनी बांसों के घेराव से की जाएगी। इसे लगभग 100-150 वर्गफीट आकार का बांसों की चचरी से तैयार किया जाएगा। इन बांसों में 33 एमएम की गोलाई का छेद किया जाएगा, जिससे सिर्फ गौरेया ही प्रवेश कर सकती है।