Bihar Electricity News : बिहार में स्मार्ट मीटर का उपयोग करने वाले बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। अब ऐसे उपभोक्ताओं को बिजली कटने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी, भले ही उनके मीटर का बैलेंस शून्य से नीचे चला जाए। हालांकि यह सुविधा सभी स्मार्ट मीटर धारकों को नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर सिस्टम लगवाने वाले उपभोक्ताओं को मिलेगी।
बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, योजना से जुड़े उपभोक्ताओं को विशेष तकनीकी व्यवस्था का लाभ दिया जा रहा है। इस व्यवस्था के तहत उनके घरों में लगे सोलर पैनल से उत्पन्न बिजली और खपत का पूरा हिसाब स्मार्ट मीटर के जरिए स्वतः दर्ज होता रहता है। यदि किसी समय उपभोक्ता का बैलेंस माइनस में चला जाता है, तब भी बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होती।
सोलर लगाने पर मिलेगा पोस्टपेड जैसी सुविधा
योजना के तहत सोलर पैनल स्थापित कराने वाले उपभोक्ता व्यवहारिक रूप से पोस्टपेड उपभोक्ताओं की श्रेणी में आ जाते हैं। सामान्य प्रीपेड स्मार्ट मीटर में बैलेंस खत्म होने पर बिजली कट सकती है, लेकिन सौर ऊर्जा उत्पादन करने वाले उपभोक्ताओं को यह समस्या नहीं झेलनी पड़ती।
स्मार्ट मीटर में लगी विशेष तकनीक यह रिकॉर्ड करती है कि उपभोक्ता ने कितनी बिजली पैदा की, कितनी बिजली स्वयं उपयोग की और कितनी अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी। जब जरूरत पड़ती है तो उपभोक्ता उसी जमा बिजली का उपयोग कर सकते हैं। इस कारण उन्हें लगातार बिजली आपूर्ति की सुविधा मिलती रहती है।
अतिरिक्त बिजली का भी मिलता है फायदा
योजना का एक बड़ा लाभ यह है कि यदि किसी महीने उपभोक्ता ने जरूरत से अधिक बिजली पैदा कर ली, तो वह ऊर्जा व्यर्थ नहीं जाती। अतिरिक्त बिजली सीधे बिजली कंपनी के ग्रिड में चली जाती है। बाद में जब खपत बढ़ती है या उत्पादन कम होता है, तब उसी बिजली का लाभ उपभोक्ता को मिलता है।
उदाहरण के तौर पर यदि किसी परिवार ने एक महीने में 300 यूनिट बिजली का उत्पादन किया और उस दौरान घर में कम खपत हुई या परिवार बाहर चला गया, तो बची हुई बिजली भविष्य में उपयोग की जा सकती है। इससे बिजली बिल में बड़ी बचत होती है।
तेजी से बढ़ रही योजना की लोकप्रियता
पटना इलेक्ट्रिक सप्लाई अंडरटेकिंग (पेसू) क्षेत्र में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। पेसू के पश्चिमी डिवीजन में अब तक करीब तीन हजार उपभोक्ता अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगवा चुके हैं और योजना का लाभ उठा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि लोगों में जागरूकता बढ़ने के साथ आवेदन संख्या लगातार बढ़ रही है। बिजली बिल में कमी और निर्बाध बिजली आपूर्ति जैसी सुविधाओं के कारण उपभोक्ता इस योजना की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
सरकार दे रही भारी सब्सिडी
केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में सोलर पैनल लगाने पर सब्सिडी भी दी जा रही है। एक किलोवाट क्षमता के संयंत्र पर 30 हजार रुपये तक की सहायता उपलब्ध है। वहीं तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता वाले संयंत्र पर 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ना और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करना है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ उपभोक्ताओं के बिजली खर्च में भी कमी आएगी।
सर्दियों में कई उपभोक्ताओं का बिल हुआ शून्य
पिछले वर्ष सर्दियों के मौसम में योजना से जुड़े कई उपभोक्ताओं को बड़ा लाभ मिला था। पेसू क्षेत्र के 500 से अधिक उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य आया था। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ सकती है। योजना के प्रचार-प्रसार और जागरूकता बढ़ाने के लिए पेसू द्वारा पटना सिटी क्षेत्र में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी भी की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग सौर ऊर्जा अपनाकर इसका लाभ उठा सकें।





