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जम्मू-कश्मीर में शहीद हुआ बिहार का लाल, पैतृक गांव पहुंचा पार्थिव शरीर

SIWAN : जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बर्फबारी जानलेवा साबित हो रही है. हिमस्खलन के कारण कई भारतीय जवान शहीद हो गए. जिसमें बिहार के सीवान जिले का भी लाल शामिल है. रविवार की अ

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SIWAN : जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बर्फबारी जानलेवा साबित हो रही है. हिमस्खलन के कारण कई भारतीय जवान शहीद हो गए. जिसमें बिहार के सीवान जिले का भी लाल शामिल है. रविवार की अहले सुबह शहीद जवान का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा. कुपवाड़ा माछिल सेक्टर में, नौगाम सेक्टर और पुलवामा जिले के अवंतीपोरा में सुरक्षाबलों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. 


पुलवामा जिले के अवंतीपोरा में ख़राब मौसम के कारण सीवान जिले में महाराजगंज प्रखंड के हहवाँ गांव का रहने वाला एक सैनिक शहीद हो गया. शहीद सैनिक का शव पैतृक गांव पहुंचते ही इलाके में मातमी सन्नाटा पसर गया. शहीद के परिजनों में कोहराम मच गया है. शहीद जवान हहवाँ गांव के रहने वाले श्यामलाल शाह के पुत्र सुनील कुमार हैं. शहीद सुनील कुमार की शादी 2007 में ममता कुमारी के साथ हुई थी. जहां सुनील के 9 वर्षीय लड़का और 6 साल की एक लड़की है. पति के शहीद होने के बाद पत्नी ममता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है.


जैसे ही उनके घर शहादत की खबर पहुंची घर के साथ-साथ पूरे गांव में चीख पुकार मच गई. जहां पत्नी अपने आप को अकेला छोड़ कर चले जाने की बात करते हुए बार-बार बेहोश हो जा रही थी, तो वहीं छह साल की मासूम बच्ची भी अपने पिता की मौत पर आंसू बहा रही थी. देश की रक्षा के लिए शहीद सुनील के बारे में आस-पास के गांव वालों ने कहा कि वो काफी मिलनसार और होनहार लड़का था. बचपन से ही शिक्षा के प्रति वो काफी जागरुक था और लोगों में जागरुकता फैलाने का काम भी करता था. दूसरी तरफ सुनील के पिता तरुण सिंह आंखों में आंसू लिए लगातार कह रहे थे कि हमें अपने बेटे पर गर्व है और वो हमेशा देश की रक्षा में जान न्योछावर करने की बात भी करता था.

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Chandan Kumar

FirstBihar संवाददाता