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सीतामढ़ी सदर अस्पताल में डीएम का बड़ा एक्शन: औचक निरीक्षण में लापरवाही उजागर, ANM सस्पेंड, तीन डॉक्टरों का वेतन रोका

Bihar News: सीतामढ़ी सदर अस्पताल के औचक निरीक्षण में जिलाधिकारी रिची पांडे को स्वास्थ्य व्यवस्था में कई गंभीर खामियां मिलीं। निरीक्षण के बाद मौके पर ही बड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आखिर किन कर्मचारियों पर गिरी गाज और क्या-क्या कमियां सामने आईं,

सीतामढ़ी सदर अस्पताल में डीएम का बड़ा एक्शन: औचक निरीक्षण में लापरवाही उजागर, ANM सस्पेंड, तीन डॉक्टरों का वेतन रोका
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar News: बिहार के सीतामढ़ी सदर अस्पताल में बुधवार को जिलाधिकारी रिची पांडे के औचक निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था की कई खामियां सामने आईं. निरीक्षण में लापरवाही और अनुशासनहीनता मिलने पर डीएम ने मौके पर ही सख्त रुख अपनाया. इसके बाद रोगी कल्याण समिति की बैठक में एक एएनएम को निलंबित करने और तीन चिकित्सकों का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया.


निरीक्षण के दौरान एएनएम रितु कुमारी कार्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता की दोषी पाई गईं. इस पर जिलाधिकारी ने अस्पताल उपाधीक्षक को उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया. वहीं डॉ. निवेदिता, डॉ. रीता महतो और डॉ. अनुजा प्रीतम की अनधिकृत अनुपस्थिति को गंभीर मानते हुए उनका वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने और विभाग को रिपोर्ट भेजकर नियमानुसार कार्रवाई करने का आदेश दिया गया.


निरीक्षण के बाद हुई रोगी कल्याण समिति की बैठक में डीएम ने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की. उन्होंने संस्थागत प्रसव, गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, नियमित स्वास्थ्य जांच और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान पर विशेष जोर दिया. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि गर्भावस्था के पहले तीन महीनों में ही अल्ट्रासाउंड सुनिश्चित कराया जाए और आवश्यक जांच समय पर पूरी की जाए, ताकि किसी भी जटिलता का समय रहते पता लगाया जा सके.


सीटी स्कैन सेवा की समीक्षा के दौरान संबंधित एजेंसी को समय पर जांच करने और निर्धारित अवधि के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए. इसके अलावा अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति, इमरजेंसी सेवाओं को बेहतर बनाने और मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया.


जिलाधिकारी रिची पांडे ने स्पष्ट कहा कि सरकारी अस्पतालों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. प्रत्येक मरीज को समय पर, सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं की नियमित निगरानी, साफ-सफाई बनाए रखने, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने, टीकाकरण अभियान को प्रभावी बनाने और मरीजों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए.


गौरतलब है कि हाल ही में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने भी पटना स्थित पीएमसीएच का औचक निरीक्षण किया था, जहां कई व्यवस्थागत खामियां सामने आई थीं. उस दौरान उन्होंने माना था कि निचले स्तर पर कार्यरत कुछ कर्मचारी मनमानी करते हैं. ऐसे में अब लगातार हो रहे औचक निरीक्षण और कार्रवाई के बाद यह देखना अहम होगा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए जिम्मेदार कर्मियों पर आगे कितनी सख्त कार्रवाई होती है.