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सिमुलतला आवासीय विद्यालय में चयन के बाद भी नहीं मिला एडमिशन, छात्र ने CM-PM से लगाई न्याय की गुहार

Simultala Residential School News: बिहार के चर्चित सिमुलतला आवासीय विद्यालय में चयन प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद एक छात्र को एडमिशन नहीं मिल सका। छात्र ने बिहार से बाहर रहकर 10वीं की पढ़ाई पूरी की थी। मामला सामने आने के बाद अभिभावक...

सिमुलतला आवासीय विद्यालय में चयन के बाद भी नहीं मिला एडमिशन, छात्र ने CM-PM से लगाई न्याय की गुहार
Ramakant kumar
5 मिनट

Simultala Residential School News: बिहार के सिमुलतला आवासीय विद्यालय में 11वीं कक्षा में प्रवेश के लिए चयनित होने के बाद भी एक छात्र का नामांकन रोक दिया गया. मामला बिहार से बाहर रहकर 10वीं की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों की पात्रता से जुड़ा है. छात्र के अभिभावक ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है.


मामला सीतामढ़ी निवासी रवि कुमार के पुत्र प्रणव आनंद से जुड़ा है. प्रणव पटियाला में रहकर पढ़ाई कर रहा था और वहीं से उसने मैट्रिक की परीक्षा पास की. इसके बाद उसके अभिभावक ने सिमुलतला आवासीय विद्यालय की 11वीं कक्षा में नामांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया.


8 मई को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से जारी सूचना में प्रवेश के लिए पात्रता की शर्तें स्पष्ट की गई थीं. इसके तहत आवेदक का बिहार का निवासी होना और बिहार में स्थित सक्षम प्राधिकार से मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय से 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य बताया गया था.


आवेदन के बाद जारी हुआ एडमिट कार्ड

प्रणव ने पटियाला से 10वीं की परीक्षा पास की थी. पात्रता की शर्त के अनुसार उसका आवेदन शुरुआती स्तर पर ही अस्वीकार किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. बोर्ड की ओर से उसका आवेदन स्वीकार कर लिया गया और एडमिट कार्ड भी जारी कर दिया गया.


इसके बाद प्रणव प्रवेश परीक्षा में शामिल हुआ और परीक्षा परिणाम में भी सफल रहा. परीक्षा के बाद उसे मेडिकल जांच के लिए बुलाया गया. 15 जुलाई को सिमुलतला आवासीय विद्यालय में हुई मेडिकल जांच में भी वह फिट पाया गया.


मेडिकल के बाद हुई काउंसलिंग

मेडिकल जांच के बाद छात्र काउंसलिंग प्रक्रिया में भी शामिल हुआ. इसके बाद अंतिम चयन सूची जारी की गई. 18 जुलाई को छात्र को 22 जुलाई तक आवश्यक दस्तावेजों के साथ विद्यालय पहुंचने की सूचना दी गई.


अभिभावक के अनुसार, चयन की सूचना मिलने के बाद उन्होंने विद्यालय से संबंधित दस्तावेज और स्कूल परित्याग प्रमाण-पत्र भी प्राप्त कर लिया था. इसके बाद रात में वाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से सूचना दी गई कि बिहार के बाहर से मैट्रिक की परीक्षा पास करने वाले छात्रों का सिमुलतला आवासीय विद्यालय में नामांकन नहीं होगा.


चयन के बाद नामांकन रुकने से परिवार परेशान

अभिभावक रवि कुमार का कहना है कि आवेदन से लेकर परीक्षा, मेडिकल और काउंसलिंग तक पूरी प्रक्रिया में छात्र को शामिल किया गया. चयन के बाद नामांकन रोक दिए जाने से छात्र मानसिक तनाव में है.


उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि यदि आवेदन पात्रता के अनुरूप नहीं था तो उसे शुरुआती स्तर पर ही जांच कर निरस्त किया जाना चाहिए था. उनका कहना है कि परीक्षा में शामिल कराने, परिणाम जारी करने और मेडिकल जांच के बाद अंतिम सूची में चयन करने के बाद नामांकन से वंचित करना छात्र के लिए परेशानी का कारण बना है.


बिहार से बाहर रहने वाले परिवारों का सवाल

अभिभावक ने यह भी सवाल उठाया कि बिहार के बड़ी संख्या में परिवार रोजगार और अन्य कारणों से दूसरे राज्यों में रहते हैं और अपने बच्चों की पढ़ाई भी वहीं कराते हैं. ऐसे में बिहार के निवासी होने के बावजूद दूसरे राज्य से 10वीं की पढ़ाई करने वाले छात्रों को सिमुलतला आवासीय विद्यालय में प्रवेश से वंचित करने के नियम को लेकर स्पष्टता जरूरी है.


विद्यालय प्राचार्य ने बताई नियमावली

सिमुलतला आवासीय विद्यालय के प्राचार्य शुभम शेखर ने बताया कि प्रवेश परीक्षा के आवेदन से संबंधित सूचना में पात्रता की शर्त पहले ही स्पष्ट कर दी गई थी. इसके अनुसार बिहार के किसी माध्यमिक विद्यालय से मैट्रिक परीक्षा पास करने वाले छात्र ही आवेदन के पात्र थे.


उन्होंने कहा कि इसी आधार पर नामांकन की प्रक्रिया से पहले ऐसे छात्रों की पात्रता की जांच की गई. प्राचार्य के अनुसार, यदि नामांकन के बाद यह मामला सामने आता तो स्थिति और जटिल हो सकती थी.