SAMASTIPUR: सीतामढ़ी के जेडीयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने अपने ही सरकार के सरकारी बाबुओं के क्रियाकलाप पर सवालिया निशान खड़ा किया है। समस्तीपुर पहुंचे जेडीयू सांसद और उनके साथ समस्तीपुर जितवारपुर कोठी के मालिक मनीष मोहन शर्मा और शैलेश मोहन शर्मा ने समस्तीपुर डीएम से मुलाकात कर भू-माफ़िया की करतूत से उन्हें अवगत कराया।
JDU सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने जितवारपुर कोठी के जमीन को एक भूमाफिया द्वारा स्थानीय अंचल और रजिस्ट्री ऑफिस के मेल से फर्जी दस्तावेज तैयार कर जितवारपुर कोठी की जमीन को हड़पने के मामले का खुलासा करते हुए बताया कि भले ही नीतीश कुमार ने काफी कड़ाई से कानून बनाया है फिर भी लोगों को परेशान किया जाता है।
उन्होंने इस मामले को उठाते हुए जिलाधिकारी ,पुलिस अधीक्षक से मुलाकात किया। इस दौरान कोठी मालिक मनीष मोहन शर्मा के द्वारा जमीन माफियाओं के द्वारा गलत तरीके से जमाबंदी बनाकर उनके लगभग 20 बीघा जमीन को फर्जी तरीके से बेच दिया गया है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि उनकी जमीन को अवैध तरीके से जमाबंदी कराकर भू-माफियाओं द्वारा बेचा जा रहा है।
कोठी मालिक ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा कि “25 दिसंबर सरकारी अवकाश (छुट्टी) का दिन होता है, लेकिन इसके बावजूद अंचलाधिकारी कार्यालय से आधी रात में जमाबंदी से संबंधित कागजात तैयार किए गए।
इन दस्तावेजों पर न केवल दिनांक बल्कि समय भी अंकित है, जो इस पूरे मामले को संदिग्ध बनाता है। सांसद ने इस घटना को गंभीर प्रशासनिक अनियमितता बताते हुए जिला प्रशासन से तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
वही इस मामले को लेकर मनीष मोहन शर्मा ने बताया कि उनके पैतृक संपत्ति लगभग 20 बीघा को भू माफिया एवं अंचल के कर्मियों के मिलीभगत से 25 दिसंबर 2025 को नया जमाबंदी बनाकर जमीन बेच लिया गया है। उन्होंने दावा किया है कि उनके परिवार में आज तक कोई लड़की जन्म नहीं लिया जबकि एक लड़की को खड़ा करके उनके पैतृक संपत्ति को भू माफियाओं के द्वारा अंचल कर्मियों के द्वारा फर्जी कागजात तैयार कर बेच दिया गया है।
इसी मामले में वह अपने भाई शैलेश मोहन शर्मा एवं सीतामढ़ी के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर के साथ समस्तीपुर पहुंचकर जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा, जिला पुलिस कप्तान अरविंद प्रताप सिंह को लिखित आवेदन देकर भू माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।





