BHAGALPUR: भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के अचानक क्षतिग्रस्त होने के बाद यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। करीब 25 साल पहले बने इस पुल के टूटने से पूर्णिया और भागलपुर के बीच आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थिति ऐसी हो गई है कि यह लोगों को उस दौर की याद दिला रही है, जब गंगा नदी पर पुल नहीं था और लोगों को नाव के सहारे यात्रा करनी पड़ती थी। पहले जहां पूर्णिया से भागलपुर की दूरी लोग 2 से 3 घंटे में तय कर लेते थे, अब इस यात्रा में 8 घंटे या उससे अधिक समय लग रहा है।
फिलहाल बसें नवगछिया तक ही जा रही हैं। वहां से यात्री निजी वाहनों के जरिए हाई लेवल तक पहुंचते हैं, इसके बाद नाव से गंगा पार कर भागलपुर पहुंचना पड़ रहा है, जिसमें करीब डेढ़ घंटे का समय लग रहा है। इस दौरान नावों में क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने से दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। यात्रियों का कहना है कि पहले जहां सीधी बस सेवा उपलब्ध थी, अब कई बार वाहन बदलने पड़ रहे हैं, जिससे समय और परेशानी दोनों बढ़ गई हैं। एक महिला यात्री ने बताया कि पुल टूटने के बाद यात्रा काफी कठिन हो गई है।
वहीं बस चालकों का कहना है कि फिलहाल वे नवगछिया तक ही यात्रियों को ले जा पा रहे हैं, जबकि कुछ बसें खगड़िया होते हुए मुंगेर के रास्ते भागलपुर पहुंच रही हैं, जिससे यात्रा और लंबी हो गई है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि पुल निर्माण विभाग की टीम लगातार काम में जुटी हुई है। वहीं मुख्यमंत्री द्वारा स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि मरम्मत कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए ताकि आम लोगों के लिए इस महत्वपूर्ण मार्ग को शीघ्र बहाल किया जा सके।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता है कि लोगों को कम से कम परेशानी हो और जल्द से जल्द सेतु को सुरक्षित तरीके से चालू किया जा सके। सीएम ने पुल के टूटे हुए हिस्से को ठीक करने के लिए काम को जल्द से जल्द शुरू करने का आदेश दिया है। क्योंकि अभी लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डीएम ने बताया कि बिना रजिस्ट्रेशन के नाव नहीं चलेगा। 50 रुपया से अधिक कोई भाड़ा नहीं लेगा। बच्चों का 25 रुपया भाड़ा लगेगा। वही क्षमता के अनुसार ही नाव का परिचालन किया जाएगा।





