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गजब! ट्रेन में सीट तो कन्फर्म थी, लेकिन कोच में सीट नंबर 80 नहीं मिला, दो DRM भी असमंजस में

वैशाली एक्सप्रेस में सीट नंबर 80 को लेकर दो डीआरएम उलझ गए। यात्री को कन्फर्म सीट मिली, पर कोच में सीट ही नहीं। डीआरएम समस्तीपुर ने दिल्ली डीआरएम को सूचित किया, फिर दोबारा जांच की बात हुई। मामला पीसीसीएम एनआर को सूचित किया गया, पर समाधान नहीं निकला।

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वैशाली एक्सप्रेस में एक यात्री की सीट को लेकर ऐसा विवाद खड़ा हो गया कि दो रेल मंडलों के डीआरएम भी इसे सुलझाने में नाकाम रहे। मामला ट्रेन संख्या 12554 नई दिल्ली-सहरसा वैशाली एक्सप्रेस का है, जिसमें यात्री अभिषेक श्रीवास्तव को यात्रा के दौरान भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। 


अभिषेक ने नई दिल्ली से मुजफ्फरपुर के लिए ट्रेन पकड़ी थी, लेकिन जब वह कोच में पहुंचा तो हैरान रह गया। उसके टिकट पर स्लीपर कोच एस-2 में सीट संख्या 80 कन्फर्म थी, लेकिन कोच में इस नंबर की कोई सीट नहीं थी। इससे परेशान होकर यात्री ने तुरंत रेलवे अधिकारियों और आईआरसीटीसी को टैग कर सोशल मीडिया पर शिकायत की।


यात्री की शिकायत पर सबसे पहले समस्तीपुर डीआरएम ने दिल्ली डीआरएम को टैग कर जानकारी दी। इसके बाद दिल्ली डीआरएम ने फिर समस्तीपुर डीआरएम से मामले को देखने को कहा। लेकिन समस्तीपुर डीआरएम ने फिर दिल्ली डीआरएम से कहा कि चूंकि चार्ट दिल्ली में बना है, इसलिए कोच प्रोफाइल वहीं से चेक किया जाए। 


जब मामला ज्यादा पेचीदा हो गया तो इसे पीसीसीएम (प्रिंसिपल चीफ कमर्शियल मैनेजर) एनआर को भेजा गया ताकि जांच आगे बढ़ सके। घंटों माथापच्ची के बाद भी इस पूरे मामले में कोई ठोस हल नहीं निकल सका। न तो सीट नंबर 80 मिल पाई और न ही यात्री को अपनी समस्या का समाधान मिल सका।